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IPL7 : हार के क्रम को तोड़ने उतरेंगे डेयरडेविल्स PDF Print E-mail
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Sunday, 18 May 2014 14:34

altनई दिल्ली। लगातार छह शिकस्त के बाद अंतिम पायदान पर चल रही

दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पिछले मैचों की नाकामी को भुलाकर शीर्ष पर चल रहे किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ कल यहां जीत के साथ आईपीएल सात में अपने हार के क्रम पर विराम लगाने के इरादे से उतरेगी।

दिल्ली की टीम आईपीएल सात में फिरोजशाह मैदान पर मौजूदा सत्र में अपनी पहली जीत की तलाश में है। टीम को यहां राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एकतरफा मुकाबलों में शिकस्त का सामनाक करना पड़ा है और टीम कल पंजाब को हराकर अपने अंतिम घरेलू मैच में स्थानीय दर्शकों को जश्न मनाने का मौका देने की कोशिश करेगी।

केविन पीटरसन की अगुआई वाली दिल्ली की टीम की राह हालांकि बिलकुल भी आसान नहीं होगी। पंजाब की टीम जहां शानदार फॉर्म में है और 10 मैचों में आठ जीत के साथ शीर्ष पर चल रही हैं वहीं दिल्ली की टीम 11 मैचों में सिर्फ दो जीत के साथ अंतिम पायदान पर है और नॉकआउट की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है।

पिछले साल भी अंतिम स्थान पर रही दिल्ली की टीम को अगर लगातार दूसरी बार अंतिम स्थान पर रहने की निराशा से बचना है तो उसे अपने अंतिम तीन मुकाबालों में से अधिकांश में जीत दर्ज करनी होगी।

दिल्ली को अगर कल जीत दर्ज करनी है तो उसके खेल के तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपने खेल में सुधार करना होगा। इसके अलावा टीम अब तक एकजुट होकर खेलने में भी नाकाम रही है जो उसकी सबसे बड़ी कमजोरी रही है।     

जेपी डुमिनी (11 मैचों में 240 रन) और विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (11 मैचों में 236 रन) के अलावा दिल्ली का कोई बल्लेबाज अब तक उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। निचले क्रम में केदार जाधव ने सात मैचों में 47.33 की औसत से 142 रन बनाकर डुमिनी का अच्छा साथ निभाया है लेकिन उन्हें अंतिम ओवरों में खेलने के लिए काफी गेंदें नहीं मिल रही हैं। 

कप्तान केविन पीटरसन चोट के कारण शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाए लेकिन उनकी वापसी भी सफल नहीं रही। वह अब तक आठ मैचों में सिर्फ 143 रन बना पाए हैं। सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (11 मैचों में 236 रन) ने कुछ अच्छी पारियां खेली लेकिन बड़े स्कोर खड़े करने में नाकाम रहे। आक्रामक बल्लेबाज रोस टेलर (चार मैचों में 59 रन), मनोज तिवारी (पांच मैचों में 93 रन), क्विंटन डि काक (सात मैचों में 153 रन) और मयंक अग्रवाल (छह मैचों में 107 रन) भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। 

दिल्ली की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी है। बल्लेबाज जिन मैचों में बड़ा स्कोर खड़ा करने


में सफल रहे हैं वहां भी गेंदबाजों ने मायूस किया है जिससे टीम बड़े स्कोर का बचाव करने में भी विफल रही है। तेज गेंदबाज वेन पार्नेल (छह मैचों में पांच विकेट), मोहम्मद शमी (10 मैचों में पांच विकेट) और लक्ष्मी रतन शुक्ला (पांच मैचों में एक विकेट) जैसे ख्याति प्राप्त गेंदबाज बुरी तरह विफल रहे हैं। जयदेव उनादकट (छह मैचों में छह विकेट) ने कुछ हद तक ठीक ठाक प्रदर्शन किया लेकिन दूसरे गेंदबाजों से उन्हें सहयोग नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के चोटिल तेज गेंदबाज नाथन कोल्टर नाइल की जगह टीम में शामिल किए गए दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर इमरान ताहिर (तीन मैचों में दो विकेट), सिद्धार्थ कौल (चार मैचों में दो विकेट) और शाहबाज नदीम (नौ मैचों में सात विकेट) ने भी टीम को मायूस किया है।

दूसरी तरफ पंजाब की बल्लेबाजी का दारोमदार एक बार फिर ग्लेन मैक्सवेल और डेविड मिलर की तूफानी जोड़ी के अलावा फॉर्म में वापसी करने वाले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, कप्तान जॉर्ज बैली, रिद्धिमान साहा और मनन वोहरा जैसे बल्लेबाजों पर होगा।

मैक्सवेल ने अब तक 10 मैचों में 198.08 के स्ट्राइक रेट के साथ चार अर्धशतकों की मदद से 51.70 की औसत के साथ टूर्नामेंट में सर्वाधिक 517 रन बनाए हैं। आईपीएल सात के चार शीर्ष स्कोर मैक्सवेल के ही नाम दर्ज हैं। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में 46 चौके और 34 छक्के जड़े हैं जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक चौके और छक्के हैं।

मिलर (10 मैचों में 321 रन), सहवाग (10 मैचों में 257 रन) और बैली (10 मैचों में 157 रन) ने भी टीम की ओर से उम्दा प्रदर्शन किया है। साहा और वोहरा ने सनराइसर्ज हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। साहा ने इस मैच में 26 गेंद में 54 जबकि वोहरा ने 20 गेंद में 47 रन की पारी खेली थी। पंजाब की टीम को अब कल अपने बल्लेबाजों से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

गेंदबाजी की बात करें तो संदीप शर्मा (आठ मैचों में 14 विकेट) टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं लेकिन हैदराबाद के खिलाफ पिछले मैच में वह काफी महंगे साबित हुए। संदीप के अलावा मिशेल जॉनसन (10 मैच में 10 विकेट) और रिषि धवन (आठ मैचों में नौ विकेट) ने भी प्रभावित किया है जबकि स्पिनर अक्षर पटेल (10 मैचों में सात विकेट) और लक्ष्मीपति बालाजी (सात मैचों में 11 विकेट) ने भी उम्दा गेंदबाजी की है।

 

(भाषा)

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