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मोदी के लिए माया व ममता के दरवाजे बंद PDF Print E-mail
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Saturday, 10 May 2014 08:38

altकोलकाता/लखनऊ। बसपा अध्यक्ष मायावती और तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव के बाद भाजपा नीत राजग से किसी भी तरह के गठबंधन की संभावनाओं को शुक्रवार को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस बारे में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने एक साक्षात्कार में टिप्पणी की थी।

बसपा मुखिया मायावती ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने मतदान के अंतिम चरण से दो दिन पहले एक साक्षात्कार में दावा किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें अन्नाद्रमुक नेता जयललिता, तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का समर्थन मिल सकता है, मैं अपनी तरफ से यह साफ कर देना चाहती हूं कि बसपा राजग को किसी तरह का समर्थन नहीं देगी। जयललिता, ममता और मुलायम भले ही भाजपा को समर्थन देने को तैयार हो जाएं पर बसपा उन्हें समर्थन नहीं देगी। उन्होंने मोदी की बात को एक चाल बताते हुए अपने समर्थकों से अपील की कि वे भाजपा की चालबाजियों से प्रभावित न हों।

भाजपा के साथ किसी तरह के गठजोड़ की संभावना को खारिज करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा कि अगर वे कहते हैं कि भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं तो हमारा जवाब यह है कि हमारे दरवाजे बंद हैं और चाभियां फेंक दी गई हैं।

मोदी ने गुरुवार रात एक टीवी इंटरव्यू में इस ओर इशारा किया था कि जयललिता, ममता और मायावती जैसी नेताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए दरवाजे खुले हैं। हालांकि इस बारे में चेन्नई से तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता या उनकी पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मोदी ने साक्षात्कार में कहा था- मुझे जो कहना था, मैं कह चुका हूं। यह दरवाजा खुला रखने का एक तरीका भी हो सकता है। मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा लेकिन 12 मई के बाद बोलूंगा। 

मायावती ने कहा कि मोदी के बयान से यह साफ हो गया है कि अब भाजपा को लगने लगा है कि उसे बहुमत मिलने वाला नहीं है और मीडिया में जिस लहर का दावा हो रहा था, वैसी कोई लहर नहीं है। मायावती ने कहा कि चुनाव शुरू होने के समय मोदी दावा कर रहे थे कि राजग को किसी अन्य दल के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपनी जीत के प्रति आशंका नहीं होने पर कोई पार्टी किसी अन्य दल से समर्थन की बात नहीं करती, मोदी का साक्षात्कार में यह कहना कि बसपा उन्हें समर्थन कर सकती है, अल्पसंख्यक समुदाय (मुसलमान) को भ्रमित करने की चाल है जो कि हमारे पक्ष में वोट


कर रहे हैं। 

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कोलकाता में कहा कि अगर उनके दरवाजे खुले हैं तो हमारे दरवाजे बंद हैं और चाभियां फेंक दी गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का 272 सीटों का दावा भ्रम है और पार्टी को 180 से 190 सीटें मिल सकती है। ओब्रायन ने कहा कि कांग्रेस 72 सीटों के साथ रेल के एक डिब्बे में आ सकती है। नतीजे बहुत अलग होने जा रहे हैं। एक और बात कि तृणमूल कांग्रेस लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी होगी। तृणमूल नेता ने कहा कि जयललिता, नवीन पटनायक, ममता और ऐसे कई नेता इंजन का काम करेंगे। 16 मई तक इंतजार कीजिए।

ममता ने बुधवार को भाजपा या मोदी को सरकार बनाने में समर्थन देने की संभावना को खारिज करते हुए कोलकाता में एक सभा में कहा था कि भाजपा को 160 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी और वह दिल्ली में सरकार नहीं बना पाएगी। ममता ने शुक्रवार को भी मोदी पर अपना हमला जारी रखा और कहा कि अगर वे दिल्ली में होतीं तो मोदी को जेल भेज देतीं। बांग्लादेशी घुसपैठियों पर नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आज कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने अगर किसी अन्य राज्य में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया होता तो उन्हें थप्पड़ जड़ दिया जाता।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को 16 मई के बाद वापस भेजे जाने के मोदी के बयान के बारे में ममता ने कहा, ‘बहादुरी अच्छी बात है लेकिन खुल्लमखुला दुस्साहस दिखाना सही नहीं है। अगर उन्होंने किसी दूसरे राज्य में इस तरह के शब्द बोले होते तो उन्हें थप्पड़ जड़ दिया जाता। लेकिन यह हमारा राज्य था, इसलिए वे बच गए।’ राज्य में तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए कांग्रेस, भाजपा और माकपा के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए ममता ने दोहराया कि 90 फीसद मीडिया संस्थान मोदी के पैसे के आगे बिक गए हैं और उनकी धुन के आगे नाच रहे हैं।

मोदी के साक्षात्कार के संबंध में उनके करीबी नेता अमित शाह ने कहा कि इसका मतलब है कि किसी भी पार्टी से समर्थन का विकल्प खुला है। उन्होंने वाराणसी में संवाददाताओं से कहा कि देश के विकास के लिए अगर पार्टियां अपना समर्थन देना चाहती हैं तो सभी का राजग में शामिल होने के लिए स्वागत है।

 (भाषा)

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