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रामदेव पर मामले दर्ज PDF Print E-mail
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Sunday, 27 April 2014 08:46

altजनसत्ता ब्यूरो व एजंसी

नई दिल्ली/वड़ोदरा। राहुल गांधी हनीमून और पिकनिक के लिए दलितों के घर जाते हैं,

वाले अपने बयान पर मचे बवाल के बीच योग गुरु रामदेव ने शनिवार को दलित समुदाय के प्रति अफसोस जताया। वहीं लखनऊ और सोनभद्र जिले में आपत्तिजनक बयान को लेकर रामदेव पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस उपाधीक्षक (ट्रांसगोमती) हबीबुल हसन ने बताया कि रामदेव के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर धारा 171 (6) चुनाव को प्रभावित करने के इरादे से बयान देने के तहत महानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सोनभद्र में वहां की जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता राकेश ने रामदेव के खिलाफ दलितों का अपमान करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। दूसरी ओर, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के दलित नेताओं ने रामदेव के खिलाफ दिल्ली पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव लालचंद चैनेलिया और अन्य नेताओं ने पुलिस आयुक्त को दी लिखित शिकायत में कहा कि रामदेव ने देश की दलित महिलाओं का अपमान किया है।  

भाजपा ने योग गुरु के बचाव में उतरते हुए कहा कि वे एक संत हैं और उनके शब्दों को उसी परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए, जिस परिप्रेक्ष्य में वे कहे गए हैं। इसे कांग्रेस नेताओं की धारणा के मुताबिक नहीं देखा जाना चाहिए। जबकि कांग्रेस ने इसे शर्मनाक टिप्पणियां करार दिया है। उनसे और नरेंद्र मोदी से भी बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। साथ ही आरोप लगाया कि योग गुरु उनकी मंडली के सदस्य हैं। 

एक योग शिविर में शरीक होने के लिए वड़ोदरा पहुंचे रामदेव ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष गरीबों के घर प्रचार पाने के लिए, पिकनिक मनाने या पयर्टन के लिए गए। मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला गया। हनीमून का वक्त समाप्त हो गया है जैसे शब्द का राजनीतिक भाषा में सामान्य प्रयोग होता है। मैंने इसका प्रयोग उसी अर्थ में किया था। मेरी मंशा माननीय राहुल गांधी या दलित समुदाय का अपमान करने की नहीं थी। लेकिन यह भी सही है कि राहुल गांधी लोकप्रियता पाने, पिकनिक या पर्यटन के लिए गरीबों के घर जाते हैं। अगर शब्द के प्रयोग से किसी समुदाय विशेष रूप से दलित समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं उसपर अफसोस जाहिर करता हूं। 

रामदेव ने शुक्रवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा था-राहुल दलितों के घर हनीमून या पिकनिक के लिए जाते हैं। अगर उन्होंने किसी दलित लड़की से शादी की होती तो उनकी किस्मत चमक सकती थी और वे प्रधानमंत्री बन जाते। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हबीबुल हसन ने बताया कि लखनऊ में रामदेव के खिलाफ महानगर पुलिस थाने में आइपीसी की धारा 171-जी (चुनाव के सिलसिले में झूठा बयान) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।


रामदेव के बयान के वीडियो फुटेज का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। 

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा-यह शर्मनाक और अपमानजनक है। भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए उन्होंने कहा-मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है कि कोई व्यक्ति इस तरह का बयान देता है और फिर भी एक राजनीतिक दल उसे गले लगाए हुए है। कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि योग गुरु की टिप्पणी एक विकृत मानसिकता को दिखाती है जिसमें दलित महिलाओं के लिए कोई सम्मान का भाव नहीं है और उन्हें सिर्फ वस्तु के रूप में देखा गया है। उन्होंने कहा-हम उनकी टिप्पणी की कटु शब्दों में भर्त्सना करते हैं। उनसे और मोदी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हैं। 

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि रामदेव मोदी के नौ रत्नों में से एक हैं। वे ऐसी टिप्पणी करते हैं और मोदी चुप हैं। ऐसा लगता है कि मोदी उनकी टिप्पणी का समर्थन करते हैं, उन्हें देश को जवाब देना चाहिए कि क्या वे ऐसी टिप्पणियों का समर्थन करते हैं। अगर नहीं तो रामदेव के साथ उन्हें भी दलितों से माफी मांगनी चाहिए। 

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि रामदेव संत हैं। जब वे हनीमून जैसे शब्द का चयन करते हैं, जो अंग्रेजी का है तो परिप्रेक्ष्य समझना चाहिए और इसके गलत मायने नहीं निकालने चाहिए। भाजपा नेता उदित राज ने कहा कि रामदेव ने दलितों के खिलाफ कुछ गलत नहीं कहा है और दलितों के प्रति उनकी भावना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि हनीमून शब्द अलग-अलग परिप्रेक्ष्यों में देखा जाता है। पार्टियों, लोगों के बीच हनीमून होता है और कारोबारी समुदाय के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है । इसका इस्तेमाल यह कहने के लिए भी किया जाता है कि केजरीवाल का हनीमून खत्म हो गया। इसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए और रामदेव के शब्दों का कोई गलत अर्थ नहीं निकालना चाहिए।

बेतुके बयान के बाद आयोग का फरमान

नई दिल्ली। राहुल गांधी के खिलाफ रामदेव के ‘हनीमून’ संबंधी बयान पर पैदा विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग ने शनिवार को व्यक्तियों के निजी जीवन के बारे में दुर्भावनापूर्ण बयान देने के खिलाफ ताजा दिशा-निर्देश जारी किया और कहा कि जो ऐसा करेंगे उन्हें चुनाव के दौरान कार्यक्रम नहीं करने दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने रामदेव का नाम लिए बगैर कहा-उन्हें कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए या बयान नहीं देना चाहिए जो किसी व्यक्ति के निजी जीवन पर हमले जैसा हो या ऐसा बयान जो दुर्भावनापूर्ण हो या फिर शालीनता या नैतिकता का उल्लंघन करता हो। 

(भाषा)

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