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पीटरसन की गैरमौजूदगी में बेंगलूर से भिड़ेंगे डेयरडेविल्स, कार्तिक करेंगे कप्तानी PDF Print E-mail
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Wednesday, 16 April 2014 21:19

शारजाह। दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग के सातवें टूर्नामेंट में कल यहां अपने अभियान की शुरुआत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ स्टार बल्लेबाज और कप्तान केविन पीटरसन की गैरमौजूदगी में करेगी जो चोट के कारण इस मैच में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। पीटरसन के स्थान पर दिनेश कार्तिक को कप्तान की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

दिल्ली की टीम के लिए यह झटका है क्योंकि पीटरसन को अंगुली की चोट के कारण इस मैच से बाहर रहना पड़ेगा। टीम के दूसरे मैच में भी पीटरसन का खेलना संदिग्ध है।

डेयरडेविल्स ने पीटरसन को नौ करोड़ रुपए में खरीदा था और उन्हें पिछले महीने द ओवल में सरे के साथ क्षेत्ररक्षण ड्रिल के दौरान दायें हाथ की अंगुली में चोट लगी थी।

पीटरसन की गैरमौजूदगी में दिनेश कार्तिक आरसीबी के खिलाफ टीम की अगुआई करेंगे। आरसीबी की टीम में कई सितारे खिलाड़ी मौजूद हैं और उसने 2013 में दिल्ली की टीम के खिलाफ अपने दोनों मैच जीते थे।

डेयरडेविल्स पूरी तरह से नई टीम के साथ मैदान पर उतर रहा जबकि रॉयल चैलेंजर्स के पास कई पुराने चेहरे हैं। दोनों टीमों की बल्लेबाजी काफी मजबूत है लेकिन गेंदबाजी उनका कमजोर पक्ष है। दोनों टीमें अभी तक आईपीएल खिताब से महरूम रही हैं और आईपीएल सात में वे अपने कुछ दिग्गज बल्लेबाजों के दम पर ट्रॉफी जीतने के लिये बेताब हैं।

रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान विराट कोहली ने साफ किया कि उनकी टीम इस बार बड़े लक्ष्य लेकर संयुक्त अरब अमीरात पहुंची है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हमें काफी आगे बढ़ने की उम्मीद है और वास्तव में हम ट्रॉफी जीतना चाहते हैं। हमने अपनी टीम में कुछ और अच्छे खिलाड़ी जोड़े हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि हम खिताब जीतने में सफल रहेंगे। ’’

बेंगलूर के पास शीर्ष क्रम में गेल जैसा विस्फोटक बल्लेबाज है। वह हाल में विश्व टी20 में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाये थे लेकिन आईपीएल में हमेशा उनका बल्ला चलता रहा है। गेल ने पिछले तीन सत्र में 608, 733, और 708 रन बनाये थे और टीम को उनसे फिर से तेजतर्रार शुरूआत की उम्मीद रहेगी।

कप्तान कोहली बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। विश्व टी20 में 319 रन बनाकर उन्होंने इसका सबूत पेश किया। उनके पास एबी डिविलियर्स के रूप में बेहतरीन फिनिशर है जिसमें अब युवराज सिंह और एल्बी मोर्कल के रूप में नये नाम जुड़ गये हैं। बेंगलूर ने युवराज को 14 करोड़ रुपए में खरीदा। विश्व टी20 फाइनल में उन्होंने बेहद लचर प्रदर्शन किया जिसके कारण वह आलोचकों के निशाने पर रहे। युवराज इससे उबरकर साबित करना चाहेंगे कि उन पर लगाई गई मोटी धनराशि जायज है। उनके आने से आरसीबी के मध्यक्रम को भी मजबूती मिली है जो पिछले साल तक टीम की बड़ी कमजोरी रही थी।

मोर्कल के रूप में उपयोगी ऑलराउंडर टीम में जुड़ने से डिविलियर्स भी ऊपरी मध्यक्रम


में बल्लेबाजी के लिये आ सकते हैं। पार्थिव पटेल के होने से वह अपना पूरा ध्यान बल्लेबाजी पर भी लगा सकते हैं।

भारत की विश्व कप विजेता टीम के कोच रहे गैरी कर्स्टन की मौजूदगी में डेयरडेविल्स की पूरी तरह से नवगठित टीम अपने तालमेल का अच्छा उदाहरण पेश करने की कोशिश करेगी। डेयरडेविल्स के पास बेहतरीन बल्लेबाज हैं लेकिन कप्तान पीटरसन की गैरमौजूदगी से उसे झटका लगा है।

डेयरडेविल्स के पास हालांकि क्विंटन डि काक, कार्तिक, मुरली विजय, जीन पाल डुमिनी, रोस टेलर और जेम्स नीशाम के रूप में बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं। मुरली के साथ डि काक को पारी का आगाज करने के लिये भेजा जा सकता है जो विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में अंतिम एकादश में जगह बनाएंगे।

पिछले वर्षों तक दिल्ली की बल्लेबाजी में उतार चढ़ाव देखने को मिला था लेकिन इस बार कई नामी बल्लेबाजों के होने टीम प्रत्येक मैच में बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करेगी। बेंगलूर के गेंदबाजी आक्रमण के लिये पीटरसन के आक्रामक तेवरों, डुमिनी की शानदार फॉर्म और कार्तिक की रणनीतिक बल्लेबाजी से निबटना चुनौती होगी। केवल चार विदेशी खिलाड़ी अंतिम एकादश में रखने के नियम के कारण डुमिनी और टेलर के बीच एक स्थान के लिये मुकाबला होगा।

दिल्ली और बेंगलूर दोनों ही एक दूसरे के कमजोर गेंदबाजी आक्रमण पर हावी होने की कोशिश करेंगे। बेंगलूर के पास मिशेल स्टार्क और रवि रामपाल के रूप में दो अच्छे तेज गेंदबाज हैं लेकिन यदि गेल, डिविलियर्स और मोर्कल को टीम में रखा जाता है तो फिर इन दोनों में से किसी एक को ही अंतिम एकादश में जगह मिलेगी।

ऐसी स्थिति में टीम का दारोमदार भारतीय गेंदबाजों हर्षल पटेल और अशोक डिंडा पर टिका रहेगा। इस बार आईपीएल में स्पिनरों की भूमिका अहम मानी जा रही है लेकिन बेंगलूर इस विभाग में शादाब जकाती और युवराज पर निर्भर है। दिल्ली की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है जिसके पास शाहबाज नदीम और राहुल शर्मा के रूप में दो विशेषज्ञ स्पिनर हैं।

ऑस्ट्रेलिया के नाथन कूल्टर नाइल दिल्ली के तेज गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे जिसमें मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। शमी विश्व टी20 में कुछ मैचों में अपनी गेंदों पर नियंत्रण नहीं रख पाये थे लेकिन यदि वह स्विंग हासिल करने में सफल रहते हैं तो फिर गेल एंड कंपनी के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

इन दोनों के अलावा लक्ष्मीरतन शुक्ला और जयदेव उनादकट जैसे तेज गेंदबाज भी दिल्ली की टीम में है लेकिन निगाहें नीशाम पर टिकी रहेंगी। न्यूजीलैंड का यह खिलाड़ी खुद को बेहतर ऑलराउंडर साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगा। मैच शाम आठ बजे से शुरू होगा।

(भाषा)

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