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केवल कुछ ही लोगों को बिजली बिल में छूट देने की घोषणा क्यों : हर्षवर्धन PDF Print E-mail
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Thursday, 13 February 2014 10:59

जनसत्ता संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा ने बुधवार को कहा कि कुछ परिवारों को बिजली बिल में छूट देने की दिल्ली सरकार की घोषणा से करदाताओं पर कम से कम 6 करोड़ का भार पड़ेगा और यह रकम वास्तव में उन करदाताओं से ही वसूली जाएगी, जो नियमित रूप से बिल का भुगतान करते रहे हैं।

यह निर्णय कानून का पालन करने वाले करदाताओं के प्रति उचित नहीं। एक सप्ताह के एक नोट-कमल पर वोट अभियान को शुरू करते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा बिजली आंदोलन में बहुत सारे लोगों ने भाग लिया था। इसे भाजपा ने चार साल तक चलाया। केवल कुछ ही वर्ग को इस छूट का लाभ देने के लिए क्यों चुना गया? यदि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि उन सभी लोगों को लाभ दिया जाए जिन्होंने बिजली कंपनी के खिलाफ संघर्ष किया तो उन्हें अन्य लाखों परिवारों को भी सम्मिलित करना चाहिए था।

 

यह अभियान नवीन शाहदरा और पूर्वी दिल्ली जिलों में गोयल ने स्वयं शुरू किया। गोयल अनेक लोगों से मिले और पार्टी के लिए स्वयं धन इकट्ठा किया। यह अभियान दिल्ली के 11 हजार से अधिक पोलिंग बूथों पर चलाया जा रहा है। हम प्रत्येक घर तक पहुंचेंगे और आम आदमी पार्टी सरकार


की नाकामियों के कारण जनता की समस्याओं के विषय में भी जानकारी इस अभियान में एकत्र करेंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक  जितेंद्र महाजन नवीन शाहदरा और पूर्वी दिल्ली जिला के जिलाध्यक्ष और पूर्व संसद सदस्य लाल बिहारी तिवारी भी मौजूद थे।

गोयल ने कहा आम आदमी पार्टी सरकार प्रक्रिया और प्रणाली का पालन किए बिना ही निर्णय ले रही है। इस कारण सरकार की ओर से की गई घोषणाओं से जनता को लाभ नहीं मिल रहा है। आम आदमी पार्टी सरकार का तदर्थवाद और दोहरे मानदंड का पर्दाफाश हो गया है। आम आदमी पार्टी दिल्ली में अराजकता फैला रही है, जिससे समाज का प्रत्येक वर्ग प्रभावित हो रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी विवाद खड़ा करने और सुर्खियों में बने रहने के लिए अधिक चिंतित हैं। उनका ध्यान लोगों के कल्याण पर नहीं बल्कि लोकसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाना है।

 

 

 

 

 

 

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