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सचिन, सहवाग और द्रविड़ का मिला जुला रूप है विराट कोहली : मार्टिन क्रो PDF Print E-mail
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Tuesday, 04 February 2014 15:18

आकलैंड। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान मार्टिन क्रो ने आज स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की तारीफ करते हुए उन्हें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग का मिला जुला रूप बताया ।

 

क्रो का मानना है कि कोहली टीम के पुनर्निर्माण की धुरी हैं जिन्हें एक अच्छा अगुआ और लाखों का रोलमाडल बनना सीखना होगा ।

उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के लिए अपने कालम में कहा ,‘‘ कई मायने में यह युवा कोहली (इन तीनों : सहवाग, तेंदुलकर और द्रविड) का मिला जुला रूप है । इन सभी से सीखकर वह खुद को तैयार कर रहा है । वह अगला महान खिलाड़ी है । उसमें द्रविड़ की गंभीरता, सहवाग की आक्रामकता और सचिन की असाधारण रेंज है ।’’

क्रो ने कहा ,‘‘ फिलहाल वह टीम के पुनर्निर्माण की धुरी है जबकि बिग थ्री की कमी पूरी करने आये खिलाड़ी संघर्ष कर रहे हैं । वह बल्लेबाजी क्रम का अगुआ है और उस पर बड़ी जिम्मेदारी है ।’

उन्होंने कहा कि उन्होंने आईपीएल के पहले सत्र में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर के कोच के रूप में युवा कोहली को देखा था जो जल्दी ही ‘शिष्य से गुरू’ की जमात में आ गया है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ कई मायनों में वह जीवन के सार को समझ गया है । प्यार , कर्म और सीखने की कोशिश और वह भी काफी तेज । वह काफी तेजी से शिष्य से गुरू की श्रेणी में आ गया है और अगला चरण


उस्ताद बनने का होगा और वह बनेगा ।’’

क्रो ने कहा ,‘‘ मैने 19 बरस के कोहली को 2008 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के लिए पहला आईपीएल खेलते देखा था । वह सीख रहा था और बल्लेबाजी को लेकर उसकी दुविधायें थी । मैने उसे सीधे खेलने और शॉट चयन में चालाकी बरतने को कहा ।’’

उन्होंने कहा कि कोहली की एकाग्रता ही उसका महानता है और आने वाले समय में वह काफी उपलब्धियां हासिल करेगा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ उसकी एकाग्रता बेजोड़ है । वह कई बार जज्बाती हो जाता है शायद दिल्ली में पला बढा होने के कारण । उसके भीतर एक आग है । वह लड़ने को तत्पर रहता है और कई बार अधिकारियों से भी भिड़ जाता है ।’’

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान का मानना है कि नियंत्रित आक्रामकता उतनी भी बुरी नहीं है ।

क्रो ने कहा ,‘‘ वह जल्दी ही सीख जायेगा कि सही मायने में अगुआ और लाखों का रोलमाडल बनने के लिए उसे संयम रखना होगा । यह अहम सबक वह सचिन और द्रविड़ से सीखा होगा लेकिन अभी भी उसकी बेचैनी हावी है । किसी को उसे सही मार्गदर्शन देना होगा ।’’

(भाषा)

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