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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को रिश्वत ना लेने और ना देने की प्रतिज्ञा दिलाई PDF Print E-mail
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Sunday, 29 December 2013 09:36

प्रतिभा शुक्ल

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल

नजीब जंग ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को ऐतिहासिक रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। आप सरकार में मंत्रिमंडल के छह सदस्यों ने भी शपथ लिया।

 

 

 

शपथ लेने के बाद वे बिना लाव-लश्कर के राजघाट गए और बापू को श्रद्धांजलि दी। खचाखच भरे रामलीला मैदान में केजरीवाल ने लोगों का आह्वान किया कि हम सब मिल कर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बनाएं। उन्होंने भ्रष्टाचार दूर करने की जिम्मेदारी लोगों के कंधों पर डालते हुए कहा कि कोई रिश्वत मांगे तो हमें फोन कर देना। उसे पकड़वा देना। आप नेता ने अपने साथियों को आगाह किया कि हम गुमान में न आ जाएं कि कल को हमारा घमंड तोड़ने के लिए किसी नए दल को जन्म लेना पड़े। केजरीवाल के साथ उनके छह मंत्रियों मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती, सत्येंद्र जैन, राखी बिड़ला, गिरीश सोनी और सौरभ भारद्वाज को उपराज्यपाल नजीब जंग ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कैबिनेट की पहली बैठक में तय किया कि दिल्ली सरकार का कोई भी मंत्री, नेता या अधिकारी लाल बत्ती गाड़ी में नहीं चलेगा।

रामलीला मैदान में केजरीवाल ने कहा कि यह केजरीवाल का शपथ ग्रहण नहीं है। यह आप की सरकार नहीं है। यह दिल्ली की डेढ़ करोड़ आबादी की सरकार है। इसे ऐतिहासक दिन करार देते हुए केजरीवाल ने कहा कि शपथ ग्रहणकेजरीवाल का नहीं है, आज दिल्ली के हर नागरिक ने मुख्यमंत्री और मंत्री पद की शपथ ली है। उन्होंने कहा कि सारी लड़ाई, सारी कवायद केजरीवाल के लिए नहीं बल्कि यह सत्ता के किले तोड़कर सत्ता आम आदमी के हाथ में देने की बात है।

केजरीवाल ने देश के राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी तक हम मानते थे कि देश की राजनीति ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। देश के लोग निराश हो चुके थे। देश गर्त में जा रहा था। चुनाव में दिल्ली की जनता ने दिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़ा भी जा सकता है और जीता भी। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को मिली शानदार जीत को कुदरत का करिश्मा बताते हुए कहा कि हमने दो साल पहले सोचा भी नहीं था कि भ्रष्ट पार्टियों को उखाड़ फेंकने के लिए इस कदर माहौल बनेगा। अभी तो शुरुआत है। लड़ाई में दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोग मिल जाएं तो देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हमें कोई गुमान नहीं है कि हमारे पास सभी समस्याओं का समाधान है, न ही हमारे पास जादू की कोई छड़ी है कि हम रातों-रात तस्वीर बदल देंगे। लेकिन हमें भरोसा है कि डेढ़ करोड़ लोग मिल गए तो सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। हम सात मंत्री नहीं डेढ़ करोड़ लोग सरकार चलाएंगे। केजरीवाल ने अण्णा हजारे के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि ढाई साल पहले यहीं पर अण्णा ने जन लोकपाल के लिए 13 दिन तक अनशन किया था और दो साल तक अनशन, धरने, प्रदर्शन चलते रहे। लेकिन यह सब करने के बाद एहसास हुआ कि सारी गड़बड़ इसलिए है कि राजनीति गड़बड़ है। राजनीति बदले बिना बेहतरी संभव नहीं है।

उन्होंने कहा-अण्णा कहते थे कि राजनीति कीचड़ है, इसमें घुसकर खुद को गंदा नहीं करना चाहिए। मैं उनसे कहता था कि अगर यह कीचड़ है तो हमें खुद ही इस कीचड़ में घुसकर उसे साफ करना होगा। हाथ जोड़ कर हम प्रार्थना करते हैं कि हममें घमंड न आ जाए। दूसरी पार्टियों का घमंड तोड़ने के लिए हमारी लड़ाई थी। ऐसा न हो कि हमारा घमंड तोड़ने के लिए किसी नई पार्टी को जन्म लेना पड़े।

उन्होंने लोगों की हिदायत का उल्लेख करते हुए


कहा कि नौकरशाही से सतर्क रहने की बात कही जा रही है। मुझे यह मानने में कोई हिचक भी नहीं है कि नौकरशाही में कुछ लोग भ्रष्ट हैं लेकिन ज्यादातर अधिकारी ईमानदार हैं। वे देश की सेवा करना चाहते हैं। वे और हम सब इकठ्ठे हो जाएं तो देश को भ्रष्टाचार व गरीबी से निजात मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि हमने मिलकर बड़ी-बड़ी भ्रष्ट और सांप्रदायिक ताकतों को ललकारा है। इसलिए हमारे सामने तरह-तरह की अड़चनें आएंगी। हमें डट कर चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि जनता की बड़ी उम्मीदों से हमें डर लगता है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रभु हमें साहस देना कि हम गलती न करें। सच्चाई की जीत होगी।

दिल्ली विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए आप के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को इसके गिरने या पारित होने की कोई परवाह नहीं है क्योंकि हम यहां सत्ता हथियाने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वास मत प्रस्ताव में हम सफल होते हैं या असफल इसकी हमें चिंता नहीं है। अगर विश्वास मत गिरा तो हम चुनाव का सामना करने को तैयार हैं। हम फिर चुनाव के मैदान में उतरेंगे और हमें जनता बहुमत के साथ जिताएगी।

उन्होंने कहा कि देश में इस वक्त अद्भुत तरंग है। यह बनी रहे और हम मिल कर काम करें तो पांच साल में देश फिर सोने की चिड़िया कहलाएगा। उन्होंने मौजूद जन सैलाब को भी शपथ दिलाई कि हम न रिश्वत लेंगे न देंगे। कहा कि कहीं कोई काम कराने जाएं व कर्मचारी रिश्वत मांगे तो मना मत करना। हम दो दिन में एक फोन नंबर देंगे। उस पर फोन करके हमें बता देना, रंगे हाथों उसे पकड़वा देना। आप का काम करवाने की जिम्मेदारी हमारी। मौजूद लोगों ने यह शपथ दोहराई कि हम न रिश्वत लेंगे न देंगे। सफेद शर्ट व सिलेटी रंग की पैंट के ऊपर नीला स्वेटर पहने केजरीवाल ने नेताओं की कुर्ता-पजामा वाली परंपरागत छवि को तोड़ा।

समारोह में अण्णा हजारे और किरण बेदी को भी आमंत्रित किया गया था। हालांकि वे समारोह में नहीं आए। उन्होंने पत्र भेज कर आशीर्वाद और बधाई दी। समारोह में मौजूद नेताओं में भाजपा नेता हर्षवर्धन प्रमुख थे। वे नई विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे। केजरीवाल ने अच्छा व्यक्ति बताते हुए डाक्टर हर्षवर्धन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के बारे में तो कुछ नहीं कहूंगा पर वे बहुत अच्छे इंसान हैं। सभी के साथ का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक अपनी अंतरात्मा से पूछ देखें, अगर हम सच कह रहे हैं तो वे भी ईमानदारी से काम करें। पार्टियों के विधायकों में जद (एकी) विधायक शोएब इकबाल भी समारोह में दिखाई दिए। अपने साथी संतोष कोली को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी शहादत बेकार नहीं गई।

भाषण का समापन उन्होंने आप के इस प्रार्थना गीत से किया-इंसान का इंसान से हो भाईचारा, यही पैगाम हमारा। मौजूद लोगों ने स्वागत में झंडे लहराए, गुब्बारे उड़ाए, तालियां बजार्इं। इंकलाब जिंदाबाद, भारत माता की जय व वंदे मातरम् के नारे लगाए। रामलीला मैदान में आज केजरीवाल का कद बड़ा दिखा। लेकिन उनसे कई गुना अधिक बड़ा कद लोगों की उम्मीदों में दिखा। मौजूद लोगों के चेहरे की चमक, उनके केजरीवाल को लेकर सपने ज्यादा बड़े दिखे। अब इनकी लाज रखना केजरीवाल की चुनौती है।

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