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गैस के ऊंचे दाम से घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी : वीरप्पा मोइली PDF Print E-mail
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Friday, 20 December 2013 15:04

नई दिल्ली। देश में प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ाकर दोगुने करने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने आज कहा कि ऊंची कीमत से गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

 

सरकार ने जून में देश में उत्पादित सभी तरह की प्राकृतिक गैस के मूल्यनिर्धारण के लिए नए फार्मूले को मंजूरी दी थी और मंत्रिमंडल ने कल इसी नियम को कुछ शर्तों के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिये भी लागू करने की मंजूरी दे दी जो फिल्हाल केजी-डी6 क्षेत्र से गैस का उत्पादन कर रही है।

मोइली ने आज यहां अखिल भारतीय प्रबंधक संघ (आइमा) के तीसरे सार्वजनिक उपक्रम सम्मेलन में कहा ‘‘यदि आप गैस के दाम नहीं बढ़ाते हैं तो कोई घरेलू उत्पादन नहीं बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता और बढ़ेगी।’’

मोइली ने कहा कि देश में कुल गैस खपत की आधी मात्रा का आयात किया जाता है। हालांकि, देश में हाइड्रोकार्बन के भंडार होने की बेहतर संभावना है, लेकिन इसे निकालने के लिये काफी धन की जरूरत होगी। ‘‘आपको को इस हाइड्रोकार्बन को निकालने के लिए काफी धन और नई तकनीक की आवश्यकता होगी।’’

उन्होंने कहा कि गैस के दाम बढ़ने से देश में उपलब्ध 3,000 अरब घनफुट गैस भंडार का दोहन कर उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। मौजदा 4.2 डालर प्रति 10लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट के दाम पर गैस उत्पादन को अव्यवहारिक करार दे दिया गया है।

तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड सहित कई गैस खोजों को हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) ने गैस के मौजूदा मूल्य पर अव्यवहारिक करार दे दिया है। डीजीएच ने कहा है कि इस लागत पर गैस खोज और उत्पादन पर आने वाले खर्च की भरपाई करना मुश्किल होगा।

मोइली ने कहा कि ऐसे हालात में देश के समक्ष दो ही विकल्प


हैं। गैस की जहां खोज हुई है भारी निवेश के अभाव में या तो उस गैस को जमीन के भीतर ही रहने दिया जाये और 12 से 13 डालर के भाव पर गैस का आयात जारी रखा जाए। दूसरे आयात मूल्य के मुकाबले कुछ कम दाम देकर देश में की गई खोज से उत्पादन शुरू किया जाये और विदेशी मुद्रा को बाहर जाने से रोका जाए।

मोइली ने कहा ‘‘यदि हमने तेल एवं गैस खोज को प्रोत्साहित नहीं किया तो हमें शत प्रतिशत गैस का आयात करना पड़ सकता है।’’         मोइली ने कहा गैस उत्पादकों के पास अधिक नकदी होने पर ही देश में तेल एवं गैस क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ेंगी और उत्पादन बढ़ेगा।

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 27 जून को घरेलू उत्पादक क्षेत्रों से निकलने वाली गैस के लिए नए फार्मूले को मंजूरी दी। इस फार्मूले के तहत विभिन्न देशों से आयातित एलएनजी और दुनिया के प्रमुख बाजारों में गैस के औसत मूल्य के आधार पर घरेलू गैस का दाम तय किया जाएगा। नया दाम 1 अप्रैल 2014 से लागू होगा।

मंत्रिमंडलीय समिति ने कल ही रिलायंस को भी गैस के बढ़े दाम उपलब्ध कराने  की अनुमति दे दी। लेकिन इसके लिये कंपनी से बैंक गारंटी लेने की शर्त रखी गई है।

बैंक गारंटी रिलायंस को गैस के नये बढ़े दाम से मिलने वाली राशि के बराबर होगी। रिलायंस के कृष्णा गोदावरी स्थित डी..6 ब्लॉक में गैस उत्पादन घटने के मामले में यदि यह बात साबित हो जाती है कि कंपनी ने जानबूझकर उत्पादन में कमी की है तो बैंक गारंटी को भुना लिया जाएगा।

(भाषा)

 

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