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एके गांगुली को हटाने की प्रक्रिया शुरू : चंद्रिमा भट्टाचार्य PDF Print E-mail
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Saturday, 07 December 2013 09:11

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) के अध्यक्ष पद से न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली को हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू  कर दी है। बनर्जी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

भट्टाचार्य ने कहा,‘मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने की मांग कर राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से गांगुली को हटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू  कर दी है। अब मामला राष्ट्रपति के पाले में है।’ मंत्री ने कहा, ‘मानवाधिकार ऐसा विषय है, जो गृह विभाग के तहत आता है। इस विभाग के प्रभार में मुख्यमंत्री खुद हैं।’ सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गांगुली गुरुवार से ही दफ्तर नहीं आ रहे हैं। जब न्यायमूर्ति गांगुली से पूछा गया था कि क्या वो इस्तीफा देंगे, इस पर उन्होंने कहा था,‘मैंने फैसला नहीं किया है। इसके बारे में सोचने का वक्त अभी नहीं आया है।’ अपनी इस टिप्पणी के बाद


से उन्होंने कोई बयान नहीं दिया है।

राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया के बाबत कानून मंत्री ने कहा,‘मानवाधिकार कानून में उसके अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया के बारे में प्रावधान है।’

पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग की वेबसाइट के मुताबिक,‘मानवाधिकार कानून 1993 कहता है,‘आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को दुव्यर्ववहार या अक्षमता के आधार पर उनके पद से राष्ट्रपति के आदेश के जरिए ही हटाया जा सकता है। लेकिन इससे पहले इस मसले को विचार के लिए राष्ट्रपति के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को भेजना होगा।’ कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति अपने आदेश के जरिए अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को तभी हटा सकता है जब अध्यक्ष या ऐसा कोई सदस्य किसी ऐसे अपराध का दोषी ठहराया गया हो और उसे सजा हुई हो जो राष्ट्रपति की राय में नैतिक भ्रष्टता है।

 

(भाषा)

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