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2002 के दंगे: जाकिया जाफरी की याचिका पर आदेश 26 दिसंबर के लिए टला PDF Print E-mail
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Monday, 02 December 2013 17:58

अहमदाबाद। एक स्थानीय अदालत ने 2002 के गुजरात दंगे में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को पाक साफ बताने वाली एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ जाकिया जाफरी की याचिका पर अपने आदेश की घोषणा एक बार फिर आज टाल दी।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बी जे गनात्रा आज छुट्टी पर थे लेकिन वह कुछ समय के लिए आए और उन्होंने वकीलों को बताया कि वह 26 दिसंबर को आदेश की घोषणा करेंगे।

जाफरी की याचिका पर पांच महीने तक बहस चली। बहस सितंबर में समाप्त होने के बाद 30 सितंबर को मजिस्ट्रेट ने कहा था कि वह 28 अक्तूबर को अपने आदेश की घोषणा कर देंगे लेकिन उन्होंने तब आज के लिए उसे टाल दिया था।

वर्ष 2002 के दंगे दौरान जाफरी के पति और पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी एवं 68 अन्य गुलबर्ग


सोसायटी नरसंहार में मारे गए थे।

उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जाफरी की शिकायत की जांच के बाद पिछले फरवरी में अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा कि जो कुछ सबूत वह जुटा सका है वह किसी पर मुकदमा चलाने के लिए काफी नहीं है। जाफरी ने अपनी शिकायत मोदी और अन्य को दंगे के पीछे की साजिश का हिस्सा बताया था।

एसआईटी की रिपोर्ट के खिलाफ जाकिया ने इस साल अप्रैल में याचिका दायर की और उसे खारिज करने एवं पुलिस को मोदी एवं अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने का आदेश दिए जाने की मांग की।

(भाषा)

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