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अधिकारी की अवमानना याचिका पर नए सिरे से फैसला करने के निर्देश PDF Print E-mail
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Monday, 02 December 2013 09:33

जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त नीरज कुमार और अन्य के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी की अवमानना याचिका पर नए सिरे से फैसला किया जाए। इस अधिकारी का आरोप है कि नीरज कुमार और अन्य ने उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए।

जिसकी वजह से उन्हें 36 दिन सलाखों के पीछे गुजारने पड़े। शीर्ष अदालत ने कहा है कि हाई कोर्ट ने अशोक कुमार अग्रवाल की अवमानना याचिका खारिज करते वक्त सभी संबंधित तथ्यों पर गौर नहीं किया इसलिए उसे नए सिरे से इस पर फैसला करना चाहिए।

 

न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा- हमारी सुविचारित राय है कि दोनों ही पक्षों ने तथ्यों और कानूनी मुद्दों को उठाया था। हाई कोर्ट को सभी संबंधित तथ्यों, विशेषकर जब अपीलकर्ता (अग्रवाल) ने आरोप लगाया था कि प्रतिवादियों ने अदालत को गुमराह करके उसकी आजादी को खतरे में डालकर न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया, पर गौर करना चाहिए था। परिणामस्वरूप हम फैसला और आदेश रद्द करते हुए पक्षों के सभी तथ्यात्मक और कानूनी बिंदुओं का जवाब देने के लिए मामला नए सिरे से फैसले के लिए हाई कोर्ट वापस भेज रहे हैं।

इस अधिकारी का कहना था कि जांच अधिकारियों ने महत्त्वपूर्ण तथ्य अदालत से छिपाए। जिसकी वजह से उसे


36 दिन न्यायिक हिरासत में बिताने पड़े। शीर्ष अदालत ने अलग से अपने फैसले में अग्रवाल के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई वापस लेने का आदेश दिया है। अग्रवाल को 13 साल पहले निलंबित किया गया था। अग्रवाल ने गलत जानकारी देकर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की थी। अग्रवाल को दो पासपोर्ट रखने और 10 से 14 फरवरी 1999 के दौरान सिंगापुर की यात्रा करने के शक में गिरफ्तार किया गया था। भारतीय अधिकारियों की पड़ताल के दौरान अग्रवाल की यात्रा की पुष्टि इंटरपोल सिंगापुर ने की थी। लेकिन बाद में इंटरपोल ने उन्हें बताया कि उनकी दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत थी।

दिल्ली के एक कारोबारी ने अग्रवाल के खिलाफ शिकायत की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे फंसाया जा रहा है। अग्रवाल की तलाश में इंटरपोल के जरिए नोटिस जारी किया गया था क्योंकि वह फरार था। अग्रवाल को 23 दिसंबर 1999 को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। जहां वह एक होटल में छद्म नाम से रह रहा था।

 

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