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नरेन्द्र मोदी के खिलाफ फिर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस PDF Print E-mail
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Saturday, 30 November 2013 09:07

जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली में नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों में लाल किले की प्रतिकृति का इस्तेमाल करने से भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। इससे पहले कांग्रेस को ‘जहरीला’ बताए जाने की नरेंद्र मोदी की टिप्पणी से आहत पार्टी ने गुरुवार को भी आयोग से मोदी सहित मुख्य विपक्षी दल के तीन नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस ने शुक्रवार को लालकिले की प्रतिकृति का इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ आयोग से भाजपा की शिकायत की। शिकायत के मुताबिक अखबारों में ऐसी खबर छपी है कि भाजपा ऐसा करके यह संदेश देना चाहती है कि मोदी अगले साल प्रधानमंत्री बनेंगे और ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से हर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री की ओर से होने वाला परंपरागत भाषण देंगे। मोदी ने इस साल छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भाषण दिया था और मंच के पीछे लाल किले की प्रतिकृति बनाई गई थी।

मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत को सौंपी गई औपचारिक शिकायत में कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव केसी मित्तल ने कहा कि लाल किला एक राष्ट्रीय स्मारक और सरकारी संपत्ति है जिसका भाजपा अपने चुनाव प्रचार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस्तेमाल नहीं कर सकती है। मित्तल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की कि वे जरूरी आदेश जारी कर भाजपा को लालकिले के प्रतिरूप का इस्तेमाल करने से रोकें।

इससे पहले गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत को एक विस्तृत शिकायत में कांग्रेस के कानूनी प्रोष्ठ के सचिव केसी मित्तल ने मोदी के 25 नवंबर के एक भाषण का जिक्र किया जिसमें  उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को छोड़कर कोई दूसरी पार्टी जहर फैलाने की स्थिति में नहीं है क्योंकि यह वह पार्टी है जिसने साठ साल से सत्ता का सुख उठाया है, फलस्वरूप इन तमाम सालों में इसमें सत्ता का जहर भरता गया है। मोदी की यह टिप्पणी प्रकट रूप से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लक्षित थी। राहुल के अनुसार उनकी मां ने उनसे एक बार कहा


था कि सत्ता जहर है।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने ये टिप्पणियां सोनिया गांधी के एक चुनावी रैली में दिए गए उस भाषण के बाद की थीं जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा को यह अफवाह फैलाने के लिए आड़े हाथ लिया था कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार की ओर से बांटी जा रही दवा जहरीली है। उन्होंने कहा था कि दवा जहरीली नहीं है बल्कि वे लोग जहरीले हैं जिन्हें गरीबों की कोई परवाह नहीं है। वसुंधरा राजे ने 10 अक्तूबर को जयपुर में भाजपा की एक संगोष्ठी में कहा था कि दवा के नाम पर जहर दिया जा रहा है।

कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा कि 23 नवंबर को भाजपा के राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव ने भी मुफ्त दवा योजना पर कांग्रेस के विज्ञापन को लेकर उस पर निशाना साधा था और कहा था कि राज्य सरकार वास्तव में जहर बांट रही है और राजे  की टिप्पणी जन भावनाओं की झलक है। मित्तल ने कहा कि ये घटनाक्रम साफ तौर पर साबित करते हैं कि भाजपा के तीन नेताओं ने सरकार की नीतियों के बारे में आदर्श चुनाव आचार संहिता में तय किए गए सिद्धांतों तक अपने आप को सीमित नहीं रखा बल्कि ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह से विकृत और दुर्भावनापूर्ण हैं।

कांग्रेस ने कहा कि 24 नवंबर के मोदी के भाषण से यह दिखता है कि वे सार्वजनिक मंच से वाहवाही लेने के लिए तथ्यों को तोड़मरोड़ कर संदर्भ से बाहर जाकर बोल रहे थे। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संचालन में बाधक हैं और सार्वजनिक चर्चा में स्वीकृति योग्य नहीं है। मित्तल ने कहा कि मोदी ने चुनाव आयोग से  कोई सबक नहीं सीखा है और आचार संहिता का उल्लंघन करने में लगे हैं।

 

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