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अरविंद केजरीवाल से अण्णा हजारे आहत, चिंता पैसे की नहीं, बस मेरा नाम इस्तेमाल न हो PDF Print E-mail
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Wednesday, 20 November 2013 09:30

रालेगण सिद्धि/नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव प्रचार में अपने नाम के दुरुपयोग पर मंगलवार को अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगा।

वहीं पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर निहित स्वार्थी तत्त्व हजारे को गलत सूचना दे रहे हैं। जनलोकपाल आंदोलन के दौरान इकट्ठे चंदे को आप द्वारा खर्च किए जाने के हजारे के आरोपों की केजरीवाल की ओर से खुली जांच की मांग किए जाने के एक दिन बाद हजारे ने कहा है कि वह मुख्य रूप से चुनाव प्रचार में अपने नाम के दुरुपयोग को लेकर चिंतित हैं। साथ ही कहा कि वे दोनों दुश्मन नहीं हैं।

 

हजारे ने महाराष्ट्र में अपने गांव रालेगणसिद्धि में संवाददाताओं से कहा, हम एक दूसरे के दुश्मन नहीं हैं। आज भी मैं इस बात से खुश हूं कि वह (केजरीवाल) चरित्रवान व्यक्ति बने हुए हैं। मामला पैसे का नहीं है। कुछ प्रतिनिधिमंडलों ने मुझे बताया कि इंडिया अगेनस्ट करप्शन (आइएसी) के आंदोलन के दौरान मेरे नाम से जारी सिम कार्ड को बेचकर कोष जुटाया गया।

उन्होंने कहा, मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है, लेकिन अगर कोई मामला दायर कर देता है तो मुझे आरोपी बनाया जा सकता है। मैं इसी बात को लेकर चिंतित हूं कि बिना किसी वजह के मेरा नाम घसीटा जा सकता है।

उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ इन दो मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए यह लिखा है क्योंकि मुझे लगता है कि मेरे नाम का दुरुपयोग हो रहा है। पैसे में मेरी कोई रुचि नहीं है, बस मेरे नाम का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

दोनों के बीच मतभेद बढ़ने के बीच केजरीवाल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनकी कई कोशिशों के बावजूद हजारे के सहयोगी उन्हें  गुरु से बात नहीं करने दे रहे हैं। केजरीवाल से बात करने के लिए हजारे के तैयार रहने के दावे के बीच केजरीवाल ने यह आरोप लगाया है।

हजारे ने कहा, मैं उनसे कहा है कि मैं बातचीत के लिए तैयार हूं। मैं नहीं जानता कि वह बातचीत करना चाहते हैं। अगर वह चाहते हैं तो मैं बातचीत के लिए तैयार हूं।  हालांकि उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में शामिल नहीं होंगे।

केजरीवाल ने कहा, मैंने उनसे कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन आजकल कुछ मध्यस्थ मुझे अण्णा से बात नहीं करने दे रहे


हैं। कभी हजारे के करीबी सहयोगी रहे केजरीवाल ने सोमवार को इस बात से इनकार कर दिया था कि हजारे के आंदोलन को मिला चंदा आप अपने चुनाव प्रचार पर खर्च कर रहा है। केजरीवाल ने कहा, यदि कोई अनियमितता पाई गई तो वह चार दिसंबर को होने वाला चुनाव नहीं लड़ेंगे।

केजरीवाल का जवाब रालेगणसिद्धि में हजारे को सौंप कर मंगलवार को लौटे आप नेता कुमार विश्वास ने आरोप लगाया कि हजारे के नाम के इस्तेमाल के बारे में इस सामाजिक कार्यकर्ता को दिल्ली से कोई गलत सूचना दे रहा है। विश्वास ने बताया कि हजारे के साथ केजरीवाल और पार्टी के अन्य उम्मीदवारों की तस्वीर उनके निर्देश के मुताबिक प्रकाशित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्त्व उन्हें गलत सूचना दे रहे हैं जिसके चलते उन्होंने पत्र लिखा और अरविंद से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब हजारे से कहा गया कि उन्हें केजरीवाल से बात करने की इजाजत नहीं है, तब उन्होंने आश्चर्य जताया और कहा कि वह हमेशा ही फोन पर उपलब्ध हैं।

केजरीवाल ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में हजारे के पत्र के बारे में बात की। वहीं, महाराष्ट्र भाजपा का कार्यकर्ता और हजारे समर्थक होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने आप नेताओं (केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, प्रशांत भूषण) पर काली स्याही फेंक दी।

केजरीवाल ने इस घटना को भाजपा का किया धरा बताया और कहा कि उनकी उस आदमी से कोई लड़ाई नहीं है जो एक गुमराह युवक है। हमारी लड़ाई टूजी घोटाला, कोयला घोटाला, लौह अयस्क घोटाले के पीछे मौजूद लोगों से है।

इस बीच, भाजपा ने इस घटना से खुद को दूर करते हुए कहा है कि चंदे के मुद्दे पर यह गुरु (हजारे) और चेला (केजरीवाल) के बीच का मामला है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अण्णा (गुरु) ने चंदे और जन लोकपाल आंदोलन के दौरान एकत्र कोष के दुरुपयोग पर एतराज जताया है। यह अण्णा और केजरीवाल के बीच की लड़ाई है। भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है। हम इस तरह की चीजों और इस तरह की राजनीति में यकीन नहीं रखते।

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