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बरसों बाद आखिर आचरेकर सर ने सचिन को कहा ‘वेल डन ’ PDF Print E-mail
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Sunday, 17 November 2013 16:00

नई दिल्ली। आचरेकर सर से भले ही उनके कैरियर में कभी उन्हें ‘वेल प्लेड’ नहीं कहा हो लेकिन कल अपने प्रिय शिष्य को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलने के तुरंत बाद उन्होंने सचिन तेंदुलकर को फोन पर ‘वेल डन’ कहकर उसकी बरसों की कसक मिटा दी।

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ 200वें और आखिरी टैस्ट के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने वाले तेंदुलकर ने अपने मर्मस्पर्शी भाषण में कहा था ,‘‘ सर ने कभी मुझे ‘वेल प्लेड’ नहीं कहा क्योंकि उन्हें लगता था कि मैं आत्ममुग्ध हो जाऊंगा और मेहनत नहीं करूंगा। पर सर अब आप मुझे बोल सकते हो क्योंकि अब मैं कोई मैच नहीं खेलूंगा।’’

बीमारी के कारण अधिक बात करने में असमर्थ आचरेकर की बेटी कल्पना मूरकर ने मुंबई से फोन पर भाषा को बताया ,‘‘ उन्होंने (आचरेकर) टीवी पर सचिन का पूरा भाषण सुना और काफी भावविभोर थे। फिर शाम को उन्हें पता चला कि सचिन को भारत रत्न मिल गया है तो उन्होंने फोन पर बात करने की इच्छा जताई। मैने फोन मिलाया और उन्होंने सचिन को बधाई देने के बाद ‘वेल डन’ बोला।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ सचिन की खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि उसने भाषण में भी बोला था कि वह सर के मुंह से यह सुनना चाहता है। उसने मुझसे कहा कि मैं मिठाई लेकर कल घर आउंगा।’’

मूरकर ने बताया कि सचिन के 200वें टैस्ट के शुरूआती दो दिन आचरेकर वानखेड़े स्टेडियम गए लेकिन


तीसरे दिन अत्यंत भावुक माहौल होने के कारण उन्हें नहीं ले जाया गया।

उन्होंने कहा ,‘‘ दो दिन वह पूरे समय स्टेडियम में प्रेसीडेंट बाक्स में थे लेकिन तीसरे दिन चूंकि मैच खत्म होने वाला था और वह मैदान पर सचिन का आखिरी दिन भी था तो हम उन्हें लेकर नहीं गए क्योंकि उन्हें सदमा लगने का डर था।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ वह तीसरे दिन तैयार हो गए थे और जाने की जिद करने लगे लेकिन हमने बड़ी मुश्किल से उन्हें नहीं जाने के लिये राजी किया। उन्होंने टीवी पर पूरा मैच और सचिन का भाषण देखा। वह काफी दुखी थे और शाम को भारत रत्न की खबर आने पर ही उनके चेहरे पर मुस्कान आई।’’

यह पूछने पर कि उन्होंने सचिन को उसके कैरियर में कभी ‘वेल प्लेड’ क्यों नहीं बोला, उन्होंने कहा ,‘‘ वह काफी सख्त कोच थे और चाहते थे कि सचिन हमेशा अपनी पारी में नाट आउट रहे। वह हमेशा कहते थे कि सचिन जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता लेकिन उसके सामने कभी उसकी तारीफ नहीं करते थे। सचिन की कोई पारी ऐसी नहीं जो उन्होंने नहीं देखी हो और अब सचिन के रिटायर होने के बाद उनका क्रिकेट देखना भी कम हो जाएगा।’’

(भाषा)

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