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सीबीआइ पर फैसले को चुनौती देगा केंद्र PDF Print E-mail
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Saturday, 09 November 2013 09:00

जनसत्ता ब्यूरो व भाषा

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की स्थापना को असंवैधानिक बताने वाले गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के एक दिन बाद सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी। सीबीआइ के निदेशक रंजीत सिन्हा ने कहा कि केंद्र शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार इस पर तेजी से आगे बढ़ रही है। उसका मानना है कि गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले से इस प्रतिष्ठित एजंसी के क्रियाकलापों पर अनिश्चितता पैदा हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि संभावना है कि प्रधान न्यायाधीश के समक्ष शनिवार या रविवार को मामले का उल्लेख हो सकता है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के मंत्री वी नारायणसामी ने सिन्हा और विधि अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें इस फैसले के बारे में जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ प्रमुख सिन्हा और उनकी टीम ने अटॉर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती के साथ बैठक की जिसमें याचिका की विषयवस्तु को अंतिम रूप दिया गया।

सीबीआइ निदेशक ने कहा कि आदेश का लंबित मामलों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सिन्हा ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों को बंद करने की सज्जन कुमार व ए राजा की मांग पर कहा कि यह कुछ भी नहीं है। हमारी कानूनी टीम ऐसे मुद्दे


हल करने में सक्षम है।

कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने भी कहा कि आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जाएगी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने इस मुद्दे पर उनके साथ चर्चा कर अपील दायर करने का फैसला किया है।

अतिरिक्त महान्यायवादी पीपी मल्होत्रा ने कहा था कि फैसला स्पष्टत: गलत है। इसे दरकिनार कर दिया जाना चाहिए। हम निश्चित तौर पर इसे चुनौती देने जा रहे हैं।

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपने फैसले में गुरुवार को उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसके  जरिए सीबीआइ की स्थापना हुई थी। अदालत ने सीबीआइ की कार्रवाइयों को असंवैधानिक ठहराया था। फैसला न्यायमूर्ति आइए अंसारी और न्यायमूर्ति इंदिरा शाह की खंडपीठ ने नवेंद्र कुमार की रिट याचिका पर दिया था। नवेंद्र ने सीबीआइ की स्थापना वाले प्रस्ताव पर हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश वाली पीठ की ओर से 2007 में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी।

उधर, भाजपा के नेता अरुण जेटली ने कहा कि इस समय मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं केवल सीबीआइ के क्रियाकलाप के बारे में चिंतित हूं जो राजनीति से प्रेरित है। इसके अवैध होने की बात मेरे लिए आश्चर्यजनक है। सीबीआइ के पूर्व निदेशक जोगिंदर सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट अंतिम नजरिया पेश करेगा।

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