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अब आजम खान अपने मातहत कर्मचारियों के निशाने पर PDF Print E-mail
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Wednesday, 30 October 2013 17:25

लखनऊ। अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए प्रतिपक्षी दलों के निशाने पर रहने वाले उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां इस बार अपने मातहत कर्मचारियों के निशाने पर है, जिन्होंने उन पर ‘अभ्रद और अपमानजनक’ भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए अन्यत्र नियुक्ति की गुहार की है, जबकि इसी मुद्दे पर राज्य सचिवालय संघ ने उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की मांग भी उठा दी है।

आजम के मातहत काम कर रहे उनके निजी सचिवों जीवन सिंह नेगी तथा विजय बहादुर सिंह, अतिरिक्त निजी सचिवों अवधेश कुमार तिवारी, मुक्तिनाथ झा, सर्वेश कुमार मिश्र, मोहम्मद नईम सिद्दीकी तथा एस प्रजापति ने कल मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उन्हें कहीं अन्यत्र नियुक्ति दे दी जाए।

उत्तरप्रदेश सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेन्द्र मिश्र ने बताया, ‘‘आजम खां के मातहत काम कर रहे सात कर्मचारियों ने मुख्य सचिव को दिए पत्र में उनके विरुद्ध अभ्रद और अपमानजनक भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है। मंत्री महोदय के दुर्व्यवहार के कारण उनके मातहत कर्मचारियों में तनाव है और वे उनके साथ काम करना नहीं चाहते। उन्हें मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए या फिर उन्हें बिना विभाग का मंत्री बना दिया जाना चाहिए।’’

एक सवाल के जवाब में मिश्र ने कहा कि मुख्य सचिव को भेजे पत्र पर शहर से बाहर


होने के कारण सिद्दीकी और प्रजापति के दस्तखत नहीं है। हालांकि वे बाकी पांचों कर्मचारियों की भावनाओं से सहमत हैं।

मिश्र ने बताया कि सचिवालय संघ ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव से प्रभावी हस्तक्षेप के आग्रह किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री महोदय अपने मातहत जिन कर्मचारियों और अधिकारियों के काम से संतुष्ट नहीं है, उन्हें अन्यत्र तैनाती दे देनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मंत्री महोदय अपने मातहतों के साथ अभ्रद भाषा का इस्तेमाल न करें।’’

मिश्र ने सत्तारुढ दल को चेतावनी के स्वर में कहा कि यदि प्रदेश सरकार राज्य कर्मचारियों के सम्मान की रक्षा कर पाने में विफल रहती है तो 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में सबसे अधिक सीटें जीतने का उसका सपना चकनाचूर हो जाएगा।

सचिवालय कर्मचारी यूनियन के नेता अंजनी गुप्ता ने भी नगर विकास मंत्री के व्यवहार से उनके साथियों की पीड़ा के प्रति सहानुभूति जतायी है और हर लड़ाई में उनके साथ होने की बात कही है।

सचिवालय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सम्पर्क करने पर आजम के मातहत निजी सचिवों और अपर सचिवों का पत्र प्राप्त होने की बात स्वीकार की है। मगर ब्यौरा देने से इन्कार किया है।

(भाषा)

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