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सीबीआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगी हिंडाल्को की फाइलें PDF Print E-mail
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Tuesday, 22 October 2013 17:18

नई दिल्ली। सीबीआई ने आज प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर हिंडाल्को को कोयला ब्लॉक आवंटन से संबंधित सभी रिकार्ड मांगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने तीन दिन पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री ने इस आवंटन को मंजूरी मामले की उस ‘‘पात्रता’’ के आधार दी थी जो उनके समक्ष रखी गई थी।

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि यह कदम उच्चतम न्यायालय में स्थिति रिपोर्ट दायर करने के बाद उठाया गया जिसमें जांच एजेंसी ने आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी सी पारेख के खिलाफ दर्ज नवीनतम मामले के बारे में न्यायालय को जानकारी दी।

सीबीआई ने प्राथमिकी में ‘‘सक्षम प्राधिकार’’ का भी उल्लेख किया है जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में बताया है कि वह सक्षम प्राधिकार प्रधानमंत्री थे जो यह निर्णय लेते समय वर्ष 2005 में कोयला मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने तालाबिरा कोयला ब्लॉक का आवंटन हिंडाल्को को करने के निर्णय को ‘‘उचित’’ बताया है।

इस बीच सीबीआई के इस कदम पर प्रतिक्रिया जताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री वी नारायणसामी ने कहा, ‘‘हमारे पास छुपाने को


कुछ भी नहीं है और हमने पहले ही एजेंसी को हजारों दस्तावेज दिए हैं।’’

सीबीआई ने एक बयान में कहा कि वह आगे की कार्रवाई पर कोई भी निर्णय करने से पहले मामले के उस प्रत्येक पहलू की जांच करेगी जिसका उल्लेख उसकी प्राथमिकी में है।

सीबीआई ने कहा, ‘‘फिलहाल जांच चल रही है। हम आगे की कार्रवाई पर कोई भी निर्णय करने से पहले प्राथमिकी के प्रत्येक पहलू की जांच करेंगे।’’

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि ‘‘सक्षम प्राधिकार’’ ने उस जांच समिति की सिफारिशों को मंजूर कर लिया था जिसने ‘‘वैध कारणों’’ का उल्लेख करते हुए हिंडाल्को का आवेदन खारिज कर दिया गया था, उसे बिड़ला से 17 मई 2005 और 17 जून 2005 की तिथि वाले पत्र मिले थे जिसमें उसने तालाबिरा दो कोयला ब्लाक का आवंटन स्वयं को करने का अनुरोध किया था। इन पत्रों को कोयला मंत्रालय को अग्रसारित कर दिया गया था।

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