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प्रधानमंत्री, व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक दूसरे की सराहना की PDF Print E-mail
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Monday, 21 October 2013 22:06

मास्को। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के तौरतरीकों पर चर्चा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक दूसरे की सराहना की।

सिंह के साथ बैठक में पुतिन ने अपने शुरूआती संबोधन में कहा, ‘‘भारत हमारा रणनीतिक सहयोगी है। हमारी अधिकतर परस्पर उपलब्धियां आपके नेतृत्व में हासिल हुयी हैं और मैं आपका कृतज्ञ हूं।’’

उन्होंने कहा कि दोनों देशों का सैन्य एवं प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग है और वे आर्थिक संबंधों को विविधता प्रदान कर रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ यहां तक कि अब भी हम भारत में आतंकवाद विरोधी संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं।’’

पुतिन ने कहा कि दोनों देशों का राजनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग है और वे संयुक्त राष्ट्र तथा ब्रिक्स में मिल कर काम कर रहे हैं।

अपने शुरूआती संबोधन में प्रधानमंत्री सिंह ने द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत बनाने और उसे बढ़ावा देने में पुतिन को अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया। ‘‘हम आपकी सतत रूचि और प्रतिबद्धता के लिए आपके कृतज्ञ हैं।’’

उन्होंने पुतिन से कहा कि रूसी संघ के साथ भारत के संबंध उसकी विदेश नीति में विशेष स्थान रखते हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘ हम रूस के साथ अपनी सच्ची और समय पर खरी उतरी मित्रता के आकांक्षी हैं जो दुनिया में बड़े पैमाने पर परिवर्तन के बावजूद मजबूत और प्रासंगिक बनी हुई है।’’

उन्होंने कहा कि रूस के साथ संबंधों में भरोसे और विश्वास का जो स्तर है वह बेजाड़ है... मैं आपको फिर से आश्वस्त करता हूं कि रूस के साथ हमारे संबंध की हमारे लिए रणनीतिक प्राथमिकता है और ये संबंध बढ़ते


रहेंगे, न सिर्फ द्विपक्षीय बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी।’’

सिंह ने इस तथ्य पर प्रसन्नता जतायी कि पर्यटन, व्यापार और निवेश के साथ ही रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान एवं उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में अच्छी प्रगति हो रही है।

बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान ‘वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए गहरी होती रणनीतिक साझेदारी’ में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र की पहली इकाई में संचालन शुरू होने की प्रगति पर संतुष्ट जताई और दूसरी इकाई में काम शीघ्र पूरा होने के लिए जरूरी कदमों पर सहमति जताई।

दोनों पक्षों ने कुडनकुलम स्थल की अतिरिक्त परमाणु बिजली संयंत्र इकाई के निर्माण और भारत में नए स्थलों में रूस की डिजायन वाले परमाणु बिजली संयंत्रों में सहयोग पर समझौते पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

उन्होंने शांतिपूर्ण उददेश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उपयोग में सहयोग पर समझौते पर प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक संबंध बढाने के लिए पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

‘सजायाफ्ता व्यक्तियों के स्थानान्तरण’ समझौते के तहत, रूस और भारत एक दूसरे देश के सजायाफ्ता व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढाने पर सहमत हुए जिसके तहत इन व्यक्तियों को कुछ शर्तों के साथ अपने देश में सजा काटने का मौका मिलेगा।

भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा रूस के शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय के बीच 2014-17 के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवीकरण के क्षेत्रों में सहयोग के कार्यक्रम से जुड़े समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए।

(भाषा)

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