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यौन उत्पीड़न: आसाराम की अर्जी पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा PDF Print E-mail
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Tuesday, 15 October 2013 15:13

गांधीनगर। एक स्थानीय अदालत ने सूरत की रहने वाली दो बहनों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में प्रवचनकर्ता आसाराम को हिरासत में लेने के लिए दायर अर्जी पर अपना निर्णय आज यहां सुरक्षित रख लिया।


दोनों बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
मजिस्ट्रेटी अदालत के न्यायाधीश वी ए बुध ने पुलिस और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आसाराम को कल रात कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर से यहां लाया गया था। आसाराम को सुबह अदालत के समक्ष पेश किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादियों के अलावा किसी को अदालत परिसर में मौजूद रहने की इजाजत नहीं थी।
पुलिस ने अर्जी दायर करके आसाराम की 14 दिनों की हिरासत मांगी है और इसके लिए उसने कथित अपराध के मामले में आरोपी से पूछताछ, उसकी चिकित्सकीय जांच और अपराध से संबंधित चीजों को जब्त करने समेत कई कारणों का हवाला दिया है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के लिए अपनी अर्जी में यह भी कहा है कि वह इस बात की भी जांच करना चाहती है कि आश्रम में अन्य लड़कियां भी इस प्रकार के उत्पीड़न का शिकार हुई हैं या नहीं।
हालांकि आसाराम के वकील बी एम गुप्ता ने हिरासत की मांग का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह मामला 12 वर्ष पुराना है।
गुप्ता ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आसाराम को पुलिस हिरासत में रखने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि


पुलिस ने पहले ही प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है।
सूरत पुलिस ने हाल में दो बहनों की शिकायत दर्ज की थी। इनमें से एक शिकायत आसाराम के खिलाफ और दूसरी शिकायत नारायण साईं के खिलाफ दर्ज की गई है। आसाराम और नारायण साई पर बलात्कार, यौन उत्पीड़न, अवैध रूप से बंधक बनाए रखने और अन्य आरोप लगाए गए हैं। आसाराम के खिलाफ शिकायत अहमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दी गई थी क्योंकि घटना आसाराम के यहां स्थित आश्रम में हुई थी। मामले की सुनवाई गांधीनगर की अदालत में हो रही है क्योंकि चांदखेड़ा इलाका गांधीनगर जिले में पड़ता है।
दोनों बहनों में से बड़ी बहन ने आरोप लगाया है कि आसाराम ने 1997 से 2006 के बीच उसका यौन उत्पीड़न किया। उस वक्त वह अहमदाबाद शहर के बाहरी इलाके में स्थित उनके आश्रम में रह रही थी।
छोटी बहन ने आसाराम के बेटे साईं के खिलाफ आरोप लगाया है कि जब वह आसाराम के सूरत आश्रम में रह रही थी तब 2002 से 2005 के दौरान साई ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया।
बहरहाल, इस बारे में कुछ अता पता नहीं है कि साई कहां है।
आसाराम और साई ने गुजरात उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें रद्द किए जाने की मांग की है। साई ने सूरत की एक अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की है।
(भाषा)

 

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