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आखिरकार हटाए गए गृह विभाग के प्रमुख सचिव PDF Print E-mail
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Tuesday, 15 October 2013 13:02

लखनऊ। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफलताओं के आरोपों से घिरी उत्तर प्रदेश सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए गृह विभाग के प्रमुख सचिव आर. एम. श्रीवास्तव को हटा दिया।


आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि श्रीवास्तव का तबादला करते हुए उनकी जगह पर अनिल कुमार गुप्ता को गृह विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है।
सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे कोई वजह तो नहीं बतायी है लेकिन माना जा रहा है कि हाल में गृह विभाग की विवादित चिट्ठी को लेकर हुई किरकिरी के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पिछले महीने हुए साम्प्रदायिक दंगों तथा अपराध के बढ़ते ग्राफ के कारण श्रीवास्तव को हटाने की मांग पहले ही खासे जोर-शोर से उठायी जा रही थी। हाल में गृह विभाग के तत्कालीन सचिव सर्वेश चन्द्र मिश्र द्वारा विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रतिबंधित संकल्प दिवस को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाने सम्बन्धी पत्र में भयंकर भूल किए जाने को लेकर मचे बवाल ने आग में घी का काम किया।
गौरतलब है कि गत नौ अक्तूबर को सर्वेश चन्द्र


मिश्र के हस्ताक्षर से राज्य के पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) समेत प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा फैजाबाद के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया था। उस पत्र में विषय की जगह पर लिखा था ‘‘सोमनाथ मंदिर की तरह अयोध्या में संसदीय कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण कराने के सम्बन्ध में।’’
वह पत्र विहिप के आगामी 18 अक्तूबर को अयोध्या में होने वाले ‘संकल्प दिवस’ आयोजन के मद्देनजर सुरक्षा की तैयारियों के जायजे के लिये बैठक बुलाने के सम्बन्ध में था। मीडिया में पत्र के विषय को लेकर खबरें आने के बाद राज्य सरकार ने इस पर सफाई पेश की थी।
गृह विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव आर. एम. श्रीवास्तव ने इसे काम के दबाव में हुई गलती करार देते हुए विभागीय प्रमुख होने के नाते माफी मांगी थी। उस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वाले गृह सचिव सर्वेश मिश्र तथा एक अनुभाग अधिकारी को बाद में निलम्बित कर दिया गया था।
(भाषा)

 

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