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अमदाबाद पुलिस ने आसाराम का ट्रांसफर वारंट लिया PDF Print E-mail
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Thursday, 10 October 2013 10:19

अमदाबाद/जोधपुर। आसाराम से पूछताछ के लिए अमदाबाद पुलिस ने गांधीनगर की एक अदालत से ट्रांसफर वारंट हासिल कर लिया है। आसाराम अभी राजस्थान के जोधपुर की जेल में बंद हैं। दूसरी ओर जोधपुर की अदालत में आसाराम के पूर्व सेवादार ने चौंकाने वाले बयान दर्ज कराए हैं। पुलिस ने सूरत की दो बहनों के आसाराम और उनके पुत्र नारायण सार्इं के खिलाफ दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले के सिलसिले में आसाराम से पूछताछ के लिए ट्रांसफर वारंट हासिल किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेक्टर-1) जेके भट्ट ने पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान हमें आसाराम के खिलाफ सबूत मिले हैं। हम उनसे पूछताछ करना चाहते हैं। इसलिए हमने गांधीनगर की एक अदालत से ट्रांसफर वारंट हासिल किया है।
आसाराम को जोधपुर से लाकर गांधीनगर में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के लिए शहर की एक पुलिस टीम कभी भी राजस्थान रवाना हो सकती है। पहले सूरत के जहांगीरपुरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और फिर उसे अमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस स्टेशन भेज दिया गया। आसाराम के खिलाफ दोनों बहनों में से बड़ी बहन ने आरोप लगाया है कि गुजरात के मोटेरा के कथावाचक के आश्रम में बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया।
बड़ी बहन ने आरोप लगाया था कि 1997 से 2006 के बीच आसाराम ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया और यह वह वक्त था जब वह अमदाबाद के बाहरी इलाके के उनके आश्रम में रह रही थी। छोटी बहन ने आसाराम के पुत्र नारायण सार्इं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि उसने 2002 से 2005 के बीच बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया और यह वह वक्त था जब वह उनके सूरत आश्रम में रह रही थी। सार्इं के ठिकाने का पता नहीं चल पाया है।
नारायण सार्इं की तलाश के लिए बनाई गई सूरत पुलिस की छह टीमों ने दावा किया है कि उन्हें मामले से जुड़े अहम सुराग हासिल हुए हैं। मंगलवार को पुलिस ने पूरे आश्रम की वीडियोग्राफी शुरू  की थी और आश्रम के परिसर की तलाशी भी


ली।
सूरत के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने पत्रकारों से कहा-हमें सार्इं के खिलाफ सबूत हासिल हुए हैं और मामले में तेजी से प्रगति हो रही है। दोनों बहनों के पिता-पुत्र के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराने के बाद सोमवार को नारायण सार्इं के खिलाफ एक लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। एक नाबालिग से बलात्कार के आरोप में 72 साल के आसाराम को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से ही वे जोधपुर की जेल में बंद हैं।
दूसरी ओर जोधपुर में पुलिस ने आरासाम के एक पूर्व सेवादार का बुधवार को एक अदालत में बयान दर्ज किया। हरियाणा निवासी अरुण कुमार ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मेट्रोपोलिटन अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। वह 1995 से पहले अमदाबाद में आसाराम के मोटेरा आश्रम में सेवादार रहा था और काफी समय पहले वहां से भाग गया था। उसने दावा किया कि आश्रम में रात के समय झोपड़ियों में लगातार लड़कियों की गुपचुप तरीके से आवाजाही चलती रहती है। उसने यह भी कहा कि रसोइये और सहायक की अप्राकृतिक मौत हुई। कुमार ने कहा कि अनैतिक और आपराधिक गतिविधियां देखने के बाद उसने आश्रम छोड़ दिया।
उसने कहा-जब मुझे जोधपुर में इस मामले के बारे में पता चला तो मैंने सोचा कि पुलिस की मदद करना और निर्दोष लोगों को आसाराम के मिथक लोक से बचाना मेरा कर्तव्य है। अजय ने अदालत से सुरक्षा की भी गुहार लगाई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुमार के बयान से आसाराम के खिलाफ मामला मजबूत करने में मदद मिलेगी। हम सूरत में आसाराम के खिलाफ हाल ही में दर्ज मामलों के ब्योरे भी इकट्ठा रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले में सह आरोपी शिल्पी और शिवा के जमानत आवेदनों पर जिला व सत्र न्यायालय में बहस हुई। दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें खत्म की। अभियोजन गुरुवार को अपनी दलीलें जारी रखेगा।
(भाषा)

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