मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
वोट के लिए नेताओं ने कराए दंगे : राहुल गांधी PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Thursday, 10 October 2013 09:05

प्रदीप श्रीवास्तव
अलीगढ़/रामपुर। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर के दंगों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियों ने राजनीतिक कारणों से यह दंगा करवाया है। बगैर किसी पार्टी का नाम लिए उन्होंने कहा कि ये शक्तियां जानती हैं कि लोगों के बीच लड़ाई नहीं हुई तो वे जीत नहीं सकते हैं। कांग्रेस इस तरह की लड़ाई नहीं लड़ती। उन्होंने दावा किया कि 2014 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी और उसके बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की बारी है। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की पहली रैली हुई।
रामपुर सपा नेता आजम खां का इलाका भी माना जाता है। इसलिए इन दोनों जगहों पर बिना चुनावी मौसम के राहुल गांधी की हुई इस रैली को अहम माना जा रहा है। हालांकि पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस दंगों का कोई चुनावी लाभ नहीं उठाना चाह रही है। यह रैली भूमि अधिग्रहण और खाद्य सुरक्षा विधेयकों के पारित होने पर राहुल को धन्यवाद ज्ञापन के रूप में है। इनका यह भी कहना है कि भट्टा-पारसौल से लेकर अलीगढ़ तक किसानों की जमीन के मुद्दे पर राहुल गांधी ने संघर्ष किया था। ये दोनों रैली किसानों के लिए ही रखी गई थी।
राहुल ने कहा कि मैं मुजफ्फरनगर गया था। हिंदुओं से भी मिला, मुसलमानों से भी मिला। सबका यही कहना था कि हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है। वोट के लिए नेताओं ने दंगे कराए। आम आदमी तो प्यार से रहना चाहता है। लड़ाई कराई जाती है, राजनीतिक फायदे के लिए। उप्र में ऐसी राजनीतिक शक्तियां हैं, जो जानती हैं कि लड़ाई न हुई तो वे चुनाव नहीं जीत सकते। इसलिए वे लड़ाई कराते हैं। एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाया जाता है। कांग्रेस जाति और धर्म की राजनीति नहीं करती। हम सब एक होंगे, तभी उप्र आगे बढ़ेगा।
राहुल गांधी ने सपा पर जमकर प्रहार


किया। बसपा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उप्र को बदलना है तो कांग्रेस को लाना होगा। यह काम सपा और बसपा से नहीं होगा। उप्र की सपा सरकार की लैपटॉप योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उप्र में कंप्यूटर की सरकार है। कंप्यूटर चलता नहीं है, बिजली नहीं है। उन्होंने यूपीए के खाद्य सुरक्षा कानून को उप्र में लागू न करने को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि सूबे की सरकार इसे चुनाव के पहले लागू नहीं करना चाहती क्योंकि उसे भय है कि कांग्रेस को चुनाव में इससे फायदा मिल जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ था। इसे पारित करने के रास्ते में अड़ंगे लगाए गए।
राहुल गांधी ने रामपुर और अलीगढ़ में कहा कि यूपीए सरकार ने आपको खाने का अधिकार दिया, सूचना का अधिकार कानून देकर बंद दरवाजे खोले। गरीबों के विकास से जीत मिल सकती है। हमने गरीबों को शक्तिशाली बनाया है। इसलिए कांग्रेस जीतेगी और लोगों की आगे भी भलाई करेगी।
रामपुर में राहुल ने कहा कि इस बार केंद्र में युवा शक्ति की सरकार होगी। कोई भी दल युवाओं और महिलाओं को पर्याप्त मौका नहीं देता, लेकिन हमने ऐसा किया है और आगे भी करते रहेंगे। आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने फैक्टरियां बंद करवा कर लोगों को नुकसान पहुंचाया।
राहुल गांधी ने दागियों पर अध्यादेश का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात में एक पत्रकार ने मुझसे पूछा कि आपने अध्यादेश वाली बात सही समय पर नहीं कही। मैंने पूछा कि मैंने सच कहा था या नहीं? पत्रकार ने कहा-हां।  राहुल ने कहा कि सच बोलने का भी कोई समय होता है?

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?