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आंध्र प्रदेश में बिजली संकट गहराया, उत्पादन पर असर PDF Print E-mail
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Tuesday, 08 October 2013 16:45

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बाद तटीय आंध्र और रायलसीमा के बड़े हिस्सों में बिजली का संकट गहरा गया और पूरे प्रदेश में 4,000 मेगावाट बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है।
ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के संयंत्रों से करीब 4,000 मेगावाट बिजली के उत्पादन पर असर पड़ा है।
विजयवाड़ा तापीय विद्युत संयंत्र और रायलसीमा तापीय विद्युत संयंत्र समेत बड़े बिजली केंद्रों में विद्युत उत्पादन बाधित होने से अधिकारियों को 3 से 10 घंटे तक की बिजली कटौती करनी पड़ रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बिजली की कुल मांग 11,000 मेगावाट है वहीं आपूर्ति 7500 मेगावाट है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सीमांध्र


क्षेत्रों में स्थित अधिकतर ऊर्जा संयंत्रों में विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। इनमें तापीय और जलविद्युत, दोनों तरह के संयंत्र हैं।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायण ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह इस विषय के समाधान के लिए केंद्र से सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध करने के लिए पत्र लिखेंगे।
अविभाजित आंध्र प्रदेश के समर्थक कर्मचारी संघ कल मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी से बातचीत करेंगे।
इस बीच प्रदेश के विभाजन के खिलाफ तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में आज विरोध प्रदर्शन जारी रहे।
(भाषा)

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