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सीमांध्र में हालात बेकाबू, देखते ही गोली मारने के आदेश PDF Print E-mail
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Monday, 07 October 2013 08:52

विशाखापत्तनम/हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के विभाजन का विरोध कर रहे प्रदर्शकारियों की ओर से शनिवार को की गई व्यापक हिंसा के बाद विजयनगरम में कर्फ्यू लगा दिया गया है और जिला अधिकारियों ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद आंदोलकारियों पर इस आदेश का कोई असर नहीं पड़ा और रविवार को भी पुलिस के साथ झड़पों व हिंसा की ताजा घटनाएं हुईं।
शहर के बाहरी हिस्से कोठापेटा में पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया और पाल्लीवेधी इलाके में भीड़ पर लाठीचार्ज किया। सूत्रों ने बताया कि हिंसा में अब तक 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन घटनाओं में 30 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए। पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी तटीय क्षेत्र) द्वारका तिरूमला राव ने बताया कि कर्फ्यू लगा दिया गया है और जिला प्रशासन ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए हंै। उन्होंने दावा किया कि सीमांध्र में हालात काफी हद तक काबू में हैं। राव ने बताया कि आंध्र प्रदेश गैर राजपत्रित अधिकारी संघ के 48 घंटे के आंध्र बंद की अवधि शनिवार रात पूरी हो गई। सीमांध्र में कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है।
तेलंगाना के गठन के खिलाफ आहूत बंद रविवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। सीमांध्र के सभी 13 जिलों में अभूतपूर्व बंदी रही और अनंतपुर व कूरनूल में भी झड़पों की खबरें हैं। बिजली कर्मियों की हड़ताल का बिजली उत्पादन व आपूर्ति पर भी असर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने बिजली कर्मियों से हड़ताल खत्म करने की अपील करते हुए रविवार शाम को कहा कि बिजली की कमी से स्वास्थ्य व अन्य आपात सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। विजयवाड़ा स्थित डा. नरला टाटा राव ताप बिजली संयंत्र के अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल की वजह से संयंत्र की सात में से छह इकाइयां ठप हो गई हैं। इससे सीमांध्र के छह तटीय जिलों के सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। 
विजयनगरम के बाहरी हिस्से कोठापेटा में पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया और पाल्लीवेधी इलाके में भीड़ पर लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने आंध्र प्रदेश कांगे्रस के प्रदेशाध्यक्ष बी सत्यनारायणन के


परिजनों की ओर से विजयनगरम के बाहरी क्षेत्र गाजुलारेगा स्थित सत्यना इंजीनियरिंग कालेज को भी निशाना बनाया। विजयनगरम में प्रदर्शनकारियों ने पिछले दो दिन में सत्यनारायण और उनके परिजनों की संपत्ति को निशाना बनाया है। उन्होंने वाहनों, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, एक कालेज और सत्यनारायण के परिजनों की ओर से चलाए जा रहे केबल नेटवर्क को आग लगा दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच शनिवार को हुई तीखी झड़प में विजयनगरम के पुलिस उपाधीक्षक कृष्ण प्रसन्ना सहित करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने विजयनगरम और आसपास के इलाकों में कथित रूप से हिंसा में संलिप्त रहने पर एकीकृत आंध्र के 100 से ज्यादा समर्थकों को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों और राज्य पुलिस के जवानों को शहर और इसके बाहरी इलाकों में तैनात किया गया है। त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के  जवानों ने क्लॉक टावर एवं फोर्ट इलाकों के निकट और सत्यनारायण के निवास तक जाने वाली गलियों में मार्च किया।
तटवर्ती आंध्र में स्थित विजयनगरम में तब से विरोध गतिविधियां तेज हो गई हैं जब तीन अक्तूबर को केंद्रीय कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश को विभाजित करके तेलंगाना राज्य के गठन का निर्णय लिया था।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के प्रस्तावित विभाजन के संबंध में केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के खिलाफ सोमवार को नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। तेदेपा ने एक बयान में बताया कि नायडू सोमवार सुबह यहां पहुंचेंगे और दोपहर को अपना आंदोलन शुरू करने से पहले मीडिया से रूबरू होंगे।
वाइएसआर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल एकीकृत आंध्र के मुद्दे पर समर्थन जुटाने के लिए सोमवार को दिल्ली में विभिन्न राष्ट्रीय दलों के नेताओं से मिलेगा। वाइएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाइएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की अगुआई पार्टी की मानद अध्यक्ष वाइएस विजयम्मा करेंगी। जगन ने कहा कि हम विभिन्न दलों के नेताओं का समर्थन चाहते हैं क्योंकि जो यहां हो सकता है, वह कहीं भी हो सकता है।
ईएनएस व एजंसियां

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