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तेलंगाना पर कैबिनेट की मुहर, चिरंजीवी का इस्तीफा PDF Print E-mail
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Friday, 04 October 2013 09:05

नई दिल्ली/हैदराबाद। सीमांध्र क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं के विरोध के बावजूद केंद्र ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश से काटकर अलग तेलंगाना राज्य के गठन की दिशा में पहला अहम कदम उठाया।

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साथ ही फैसला किया कि हैदराबाद दस साल के लिए दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी होगी। केंद्रीय पर्यटन मंत्री के चिरंजीवी ने तेलंगाना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के विरोध में गुरुवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। चिरंजीवी के निजी सहायक ने बताया कि मंत्री ने फैक्स से अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू ने भी फैसले के विरोध में इस्तीफे की पेशकश की। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें पद पर बने रहने को कहा।
कांग्रेस कार्य समिति के अलग तेलंगाना मुहर लगाने के दो महीने से अधिक समय बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना के रूप में 29वें राज्य के गठन के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और तौर-तरीकों को तय करने के लिए मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) गठित करने का फैसला किया। दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बाद गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पत्रकारों से कहा-हैदराबाद अगले दस सालों के लिए दोनों राज्यों की साझा राजधानी रहेगी। नए राज्य के गठन के बाद तटीय आंध्र, रायलसीमा और तेलंगाना के लोगों के मौलिक अधिकार समेत सुरक्षा और गारंटी तय की जाएगी।

छोटे राज्य का आधार


मंत्रिमंडल ने मंत्रियों के एक समूह को मंजूरी दे दी जो विशेष वित्तीय वितरण के मुद्दे पर गौर करेगा जिसकी शेष आंध्र प्रदेश के लिए अपनी राजधानी बनाने और पिछड़े क्षेत्र की विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार से जरूरत हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में एमएम पल्लम राजू और केएस राव ने इस कदम के खिलाफ अपना विरोध जताया।
नए राज्य का भौगोलिक क्षेत्र अविभाजित आंध्र प्रदेश के 23 जिलों में से दस जिलों में फैला होगा। आंध्र प्रदेश की 42 लोकसभा सीटों और 294 विधानसभा सीटों में से तेलंगाना में 17 लोकसभा सीटों और 119 विधानसभा सीटों के जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सभी तरह की राय सुनी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ-साथ यूपीए ने पहले ही फैसला कर लिया है। इसलिए इस संबंध में और देरी करने की कोई जरूरत नहीं है। सिंह ने आश्वस्त किया कि सरकार इस बात को देखेगी कि तटीय आंध्र, तेलंगाना और रायलसीमा से जुड़े


सभी मुद्दों का उचित तरीके से निराकरण किया जाए। मुद्दे पर बैठक में तकरीबन डेढ़ घंटे तक चर्चा की गई। सिंह ने सभी मंत्रियों से अपनी राय देने को कहा। फैसले का विरोध करने वाले राजू और राय ने दलील दी कि विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश देश का      सबसे गरीब राज्य हो जाएगा क्योंकि हैदराबाद समेत ज्यादातर संसाधन तेलंगाना क्षेत्र में चले जाएंगे। हैदराबाद क्षेत्र में सर्वाधिक विकसित और खुशहाल शहर है।
तेलंगाना क्षेत्र से आने वाले केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी और जयराम रमेश ने यह कहते हुए उनका विरोध किया कि विभाजन से दोनों राज्य विकसित होंगे और कांग्रेस कार्य समिति के फैसले को नहीं बदला जा सकता है। राकांपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि तेलंगाना का गठन जरूरी है और याद किया कि उनकी पार्टी ने 2004 में इसके गठन का समर्थन किया था। केंद्रीय मंत्री और रालोद प्रमुख अजित सिंह ने भी इस अवसर का इस्तेमाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को मिलाकर अलग हरित प्रदेश के गठन के लिए दबाव बनाने के लिए किया। सिंह ने अलग तेलंगाना राज्य के फैसले का जोरदार समर्थन किया।
सरकार के बयान में बताया गया कि जीओएम विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कदमों को तय करेगा जिसके जरिए राज्य के सभी क्षेत्रों के नागरिकों के मौलिक अधिकारों की गारंटी समेत सुरक्षा और संरक्षा तय की जाएगी। मंत्रिमंडल ने जीओएम के गठन को मंजूरी दे दी है। इसमें कहा गया है कि जीओएम शेष आंध्र प्रदेश राज्य की राजधानी बनाने और दोनों राज्यों के पिछड़े क्षेत्रों और जिलों की विशेष आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विशेष वित्तीय वितरण के प्रावधान के तौर-तरीकों को भी तय करेगा।
फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रेड्डी ने कहा-मैं बहुत खुश हूं। तेलंगाना के लोग पिछले 60 साल से एक अलग राज्य की मांग कर रहे थे। हम यूपीए सरकार के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के आभारी हैं। मुझे उम्मीद है कि तेलंगाना के गठन का विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के विरोध में सीमांध्र के उनके कुछ सहकर्मियों के विरोध-प्रदर्शन किए जाने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा-सीमांध्र क्षेत्र में बड़ा प्रदर्शन चल रहा है और वहां के लोगों का प्रतिनिधि होने के नाते मंत्रियों ने उसी संवेदना को जाहिर किया है।
(भाषा)

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