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लोकतंत्र फिर शर्मसार! आपस में उलझ पड़े सपा और भाजपा सदस्य , हुई धक्का-मुक्की PDF Print E-mail
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Friday, 20 September 2013 15:23

लखनउ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज मुजफ्फरनगर साम्प्रदायिक दंगों को लेकर शोर शराबे के कारण कार्यवाही स्थगित होने के बीच सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य आपस में उलझ पड़े।


सरकार के वरिष्ठ मंत्री अम्बिका चौधरी द्वारा भाजपा सदस्य उपेन्द्र तिवारी के प्रति तल्ख टिप्पणी किये जाने पर भाजपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच, सदन की कार्यवाही 25 मिनट के लिये स्थगित कर दी गयी। हालांकि भाजपा और सपा सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई।
बात बढ़ते देख कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी और प्रदीप माथुर ने बहस-मुबाहिसा कर रहे भाजपा और सपा सदस्यों को मार्शलों की मदद से अलग किया।
यह विवाद मुजफ्फरनगर दंगों से ऐन पहले भड़काऊ भाषण देकर फसाद भड़काने के आरोपी भाजपा विधायक सुरेश राणा को सदन में स्पष्टीकरण देने का मौका प्रदान किये जाने से शुरू हुआ।
राणा ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की सूचना मीडिया के जरिये मिली थी। उन्होंने राज्य सरकार से मुजफ्फरनगर में नफरत फैलाने के लिये वितरित की गयी सीडी की जांच करने की मांग करते हुए कहा कि दोषी पाये जाने पर वह सजा भुगतने को तैयार हैं।
राणा ने जब इस मामले में सत्तारूढ़ दल के कुछ लोगों की संलिप्तता की बात कही तो सपा के सदस्यों ने इस पर कड़ा एतराज जाहिर किया।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने राणा से अपना बयान केवल सफाई की हद तक सीमित रखने को कहा तो भाजपा सदस्यों ने यह कहकर इसका विरोध किया कि संसदीय कार्य मंत्री आजम खां को तो सदन में एक घंटे तक बोलने की इजाजत दी गयी थी। शोरशराबे के बीच भाजपा सदस्य आजम खां के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोबीच आ गये और राणा को सफाई का पूरा मौका देने की मांग करने


लगे।
विधानसभा अध्यक्ष के समय देने के लिये हामी भरने पर भाजपा सदस्य अपने-अपने स्थान पर वापस चले गये। इस बीच राणा ने अपनी सफाई में शामली की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने और भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह ने किस तरह शांति बहाली का प्रयत्न किया, इस पर सपा सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा कि राणा सिर्फ सफाई दें, बाकी कुछ ना कहें। इसी बीच, उन्होंने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए भाजपा सदस्य उपेन््रद तिवारी से बैठने को कहा। इस पर भाजपा सदस्य खासे नाराज हो गये और नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोबीच आ गये। इस वजह से सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिये और फिर 10 मिनट के लिये स्थगित कर दी गयी।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही के स्थगन की घोषणा होते ही भाजपा सदस्य अपनी बात स्पष्ट करने के लिये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ मुड़े तभी सपा के सदस्यों ने अपनी सीटों से उठकर भाजपा सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, भाजपा के हुकुम सिंह तथा सदन में बसपा तथा विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने चौधरी से अपने आचरण और इस्तेमाल की गयी भाषा के लिये माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि चौधरी का व्यवहार सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था।
इसके जवाब में चौधरी ने कहा कि अगर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया है तो उन शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया जाना चाहिये। उन्होंने आश्वासन दिया कि उन्हें खेद व्यक्त करने में कोई संकोच नहीं है।
भाषा

 

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