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बाजार में बिक रहे हैं छात्रों को बांटे गए लैपटाप PDF Print E-mail
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Wednesday, 18 September 2013 09:10

संत कबीर नगर (जनसत्ता )। सरकार की महत्त्वाकांक्षी लैपटाप वितरण योजना के तहत छात्र-छात्राओं को बांटे गए लैपटाप चोर बाजार में पहुंच गए। इसका खुलासा जनपद के पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने एक प्रेस वार्ता के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि अपराध शाखा की टीम को एक मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग प्रदेश सरकार की ओर से बांटे गए लैपटाप बेचने ग्राम कटका की तरफ आ रहे हैं। इन्हें खलीलाबाद के बाजार में बेचा जाएगा। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए बयारा चौराहे के पास एक मोटर साइकिल पर सवार तीन लोगों को रेलवे क्रासिंग के पास रोक कर पूछताछ की। तलाशी के दौरान तीनों के कब्जे से एचपी के लैपटाप और चार्जर बरामद हुए। इसके अलावा इनके पास से कुछ फर्जी मुहर व कागजात भी मिले।
पकड़े गए अभियुक्तों- फूलदेव चौरसिया, आनंद कुमार व मनौवर अहमद से पूछताछ में पता चला कि ग्राम जाम डीह में स्थित एक महाविद्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत एक व्यक्तिआठ हजार रुपए का लैपटाप मुहैया कराता है जिसको वे लोग खलीलाबाद और आसपास के इलाकों में दस से बारह हजार रुपए में बेच देते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपराध शाखा की टीम इस मामले में और भी जांच कर रही है। अभी और भी चौंकाने वाली जानकारियां मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि लैपटाप वितरण में पात्र व अपात्र छात्रों की भी जांच की जाएगी।
अभियुक्त फूलदेव चौरसिया ने बताया कि वह बाबा पर्वतनाथ इंटर कालेज


में छात्रों को फर्जी तरीके से फार्म भरवाने का काम करता है।
मालूम हो कि प्रदेश सरकार ने लैपटाप वितरण योजना का जनपद में 1334 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला था। लैपटाप वितरण के समय अखबारों के माध्यम से लाभार्थियों को व अन्य लोगों को यह सूचना दी गई थी कि अगर कोई भी इन लैपटाप की खरीद-फरोख्तकरता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद शिक्षा माफिया व दलालों ने राज्य में छात्रों को बंटने वाले इन निशुल्क लैपटाप का अवैध कारोबार शुरू कर दिया है।
खुदाई में आठवीं सदी के सोने के सिक्के निकलने का दावा
अगरतला, 17 सितंबर (भाषा)। आठवीं सदी के खड़गा वंश के ब्रह्मकुंड क्षेत्र से सोने के 18 सिक्के खुदाई में निकले हैं। एक विशेषज्ञ ने यह दावा किया है। पुलिस ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 10 सितंबर को यहां से करीब 40 किलोमीटर दूर ब्रह्मकुंड के शिब्बारी मंदिर में खुदाई कार्य के दौरान सोने के सिक्के निकले जो फिलहाल अधिकारियों के पास हैं।
प्रसिद्ध विशेषज्ञ जहार आचार्जी ने दावा किया कि ये सिक्के खड़गा वंश के दौर के हैं जिसका बांग्लादेश के कोमिला जिले में शासन हुआ करता था और इस वंश के शासन का क्षेत्र त्रिपुरा तक फैला था। विशेषज्ञ ने कहा कि खड़गा वंश के राजा मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के अनुयायी थे।

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