मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
मुजफ्फरनगर हिंसा : बरेली में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Tuesday, 10 September 2013 12:37

बरेली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भड़की हिंसा की आग के पड़ोसी जिलों में भी फैलने के बीच साम्प्रदायिक लिहाज से अतिसंवेदनशील बरेली जिले में भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर दिये गये हैं।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने आज यहां बताया कि वैसे तो बरेली में शांति कायम है लेकिन मुजफ्फरनगर की वारदात के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश किये जाने की आशंका के मद्देनजर पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द करके उन्हें स्थिति पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिये गये हैं।
प्रकाश ने बताया कि मुजफ्फरनगर हिंसा की आग के पड़ोसी जिलों में भी फैलने के मद्देनजर बरेली में सुरक्षा कड़ी करने के सम्बन्ध में उन्होंने कल देर रात प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाकर आवश्यक निर्देश दिये हैं।
उन्होंने बताया कि शहर के 71 संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है तथा त्वरित कार्रवाई बल


की 45 टीमें और दो कम्पनी पीएसी के जवानों की ऐसे इलाकों में तैनाती की गयी है। जिले के शहमतगंज, कालीबाड़ी, रोडवेज, कोहाड़ापीर, शाहदाना, कुतुबखाना और मठ की चौकी जैसे संवेदनशील इलाकों पर खासतौर पर निगाह रखी जा रही है।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा की आंच मेरठ, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, शामली और बिजनौर जिलों तक फैल चुकी है। बरेली को साम्प्रदायिक लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। इस जिले में पिछले साल जुलाई, अगस्त और सितम्बर में अलग-अलग कारणों को लेकर दंगे हो चुके हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरों से निगरानी की जा रही है। खुफिया दलों को संदिग्ध लोगों पर नजर रखने को कहा गया है। असामाजिक तत्वों को चिह्नित करके गिरफ्तार किये जाने की कार्रवाई जारी है।

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?