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सांप्रदायिक ताकतों ने कराया दंगा: अखिलेश यादव PDF Print E-mail
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Tuesday, 10 September 2013 09:03

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर की सांप्रदायिक हिंसा के लिए फिरकापरस्त ताकतों और विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि विपक्षी पार्टियां सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) को घेरने और उसके खिलाफ माहौल बनाने के लिए ‘तिल का ताड़’ बना रही हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालाता का जायजा लिया। इस बीच प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर और शामली के पुलिस प्रमुख को हटा कर नए अधिकारियों की तैनाती की है। 
अखिलेश ने हज यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना करने के मौके से इतर कहा, ‘मुजफ्फरनगर में जो हुआ बहुत दुखद है। उत्तर प्रदेश में गरीबों और किसानों की सरकार चल रही है। कुछ विपक्षी दल और सांप्रदायिक ताकतें लगातार प्रयास कर रही हैं कि जहां कहीं छोटा विवाद हो उसको बढ़ाएं। यह सच्चाई है कि वे लोग मौका देख रहे हैं कि सपा को कैसे घेरा जाए। कैसे उसके खिलाफ माहौल बनाया जाए।’ उन्होंने कहा कि शामली में भी एक बार लड़की को लेकर बहुत बड़ा विवाद खड़ा करने और लोगों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश हुई थी। उस वक्त भी विपक्षी राजनीतिक दलों ने उसे बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताया था। मुजफ्फरनगर में पिछले महीने तीन लोगों की हत्या के मामले को भी कुछ दलों ने बहुत तूल दी, जिससे यह स्थिति पैदा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा,‘मेरी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राज्यपाल बीएल जोशी के साथ-साथ वरिष्ठ पत्रकारों और कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण लोगों ने बातचीत हुई है। सबको मैंने भरोसा दिलाया कि स्थितियां नियंत्रण में आएंगी और दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार की पूरी जिम्मेदारी है कि मुजफ्फरनगर में व्यवस्था ठीक हो, शांति कायम हो और नुकसान आगे ना बढ़े।’ मुजफ्फरनगर में शनिवार को हिंसा भड़कने का कारण बनी महापंचायत के सवाल पर अखिलेश ने कहा,‘उस पर अभी कुछ कहना ठीक नहीं होगा। इस तरह के कोई भी लोग जो संविधान और कानून के खिलाफ हों और जिनसे व्यवस्था खराब हो सकती है, उन पर रोक लगेगी।’ उन्होंने कहा,‘जिन अधिकारियों को हटाया जाना था, जिनके खिलाफ कार्रवाई करनी थी वो सरकार ने की है। नए अधिकारियों को मौका दिया गया है ताकि वे व्यवस्था ठीक करें।’ प्रदेश के हज मंत्री आजम खां ने इस मौके पर आरोप लगाया कि विपक्ष पूरे देश को बरबाद करना चाहता है। यह सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए हो रहा है। ऐसी राजनीति पहले नहीं हुआ करती थी। यह राजनीति का क्रूर रूप है।
मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान अबतक 31 लोग मारे जा चुके हैं।
इस बीच सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश


यादव और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। सपा सूत्रों के मुताबिक यादव ने अपने आवास पर हुई बैठक में अधिकारियों से पूछा कि मुजफ्फरनगर में स्थिति अभी तक काबू में क्यों नहीं की जा सकी है। वहां कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, पुलिस महानिदेशक देवराज नागर और गृह विभाग के प्रमुख सचिव आरएम श्रीवास्तव भी मौजूद थे।
राज्यपाल बीएल जोशी की ओर से मुजफ्फरनगर की वारदात के बारे में केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजे जाने को देखते हुए इस बैठक को काफी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा प्रमुख ने रविवार को भी मुख्यमंत्री, अधिकारियों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ विधायकों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने मुजफ्फरनगर में हालात जल्द सामान्य करने की सख्त ताकीद की थी।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पार्टी प्रमुख मुजफ्फरनगर की वारदात को लेकर बहुत चिंतित हैं। वह घटना निंदनीय है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या संबंधित अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं, चौधरी ने कहा कि किसी भी अफसर में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह मुख्यमंत्री की नाफरमानी करे। उन्होंने विपक्ष पर इस मुश्किल घड़ी में अलोकतांत्रिक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा को रोके जाने से विपक्ष के मंसूबे पूरे नहीं हुए और अब वह मुजफ्फरनगर की वारदात पर कुचक्र रच रहा है।
इस बीच प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर और शामली के पुलिस प्रमुख को हटा दिया है। गृह विभाग के सूत्रों ने बताया कि मुजफ्फरनगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष दुबे को हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद के सेनानायक प्रवीण कुमार को मुजफ्फरनगर में तैनात किया गया है। वहीं शामली के पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद को हटाकर पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर के सेनानायक अनिल कुमार राय को मुजफ्फरनगर में तैनात किया गया है।
इससे पहले सरकार ने सहारनपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक डीडी मिश्र को हटाकर उनकी जगह अशोक मुथा जैन को तैनात किया। वहीं सहारनपुर में रहे पुलिस महानिरीक्षक भावेश कुमार सिंह को भी अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अरुण कुमार सिंह की सहायता के लिए तत्काल सहारनपुर रवाना कर दिया गया है।  भावेश प्रोन्नति पाकर एडीजी हो गए हैं।


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