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मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रमों में प्राप्त अर्जियों में से सिर्फ 26 प्रतिशत ही निस्तारित PDF Print E-mail
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Wednesday, 04 September 2013 14:40

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बहुचर्चित तथा बहुप्रचारित जनता दर्शन कार्यक्रमों में जनता की तकलीफों के दस्तावेज रूपी प्रार्थनापत्रों में से सिर्फ 26 प्रतिशत अर्जियों का ही निस्तारण हो सका है। सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गयी सूचना में यह जानकारी दी है।


लखनऊ की आरटीआई कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा ने गत 14 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय में अर्जी देकर पूछा था कि 15 मार्च 2012 को राज्य में अखिलेश यादव सरकार के गठन से लेकर 14 मार्च 2013 तक कितनी बार मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम हुआ और उनमें प्राप्त कितने प्रार्थनापत्रों में से कितनों का निस्तारण किया गया।
इस पर पिछली 15 मई को मुख्यमंत्री के जनसूचना अधिकारी योगेन्द्र दत्त त्रिपाठी ने अपने जवाब में बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 18 अप्रैल 2012, दो मई 2012, 16 मई 2012, 23 मई 2012, आठ अगस्त 2012, पांच सितम्बर 2012 तथा सात नवम्बर 2012 को कुल सात


बार जनता दर्शन कार्यक्रम किये।
उर्वशी के मुताबिक त्रिपाठी ने इन कार्यक्रमों में प्राप्त प्रार्थनापत्रों तथा उनमें से निस्तारित अर्जियों की संख्या ना बताते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर जाकर जानकारी लेने की सलाह दे दी लेकिन बतायी गयी वेबसाइट मौजूद ही नहीं थी।
इस मामले में प्रथम अपील किये जाने पर मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार ने गत 29 जुलाई को भेजे गये पत्र में बताया कि 15 मार्च 2012 से 14 मार्च 2013 के बीच हुए सात जनता दर्शन कार्यक्रमों में कुल 22 हजार 872 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए जिनमें से 6069 का निस्तारण किया गया।
उर्वशी के मुताबिक निस्तारित अर्जियों का प्रतिशत कुल का करीब 26 प्रतिशत ही है जो जनता की अपेक्षाओं के हिसाब से बेहद निराशाजनक है।

 

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