मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
वाराणसी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है गंगा PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Tuesday, 06 August 2013 09:35

वाराणसी, जनसत्ता। पिछले एक हफ्ते से गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शहर में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। इससे बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया है। पूर्वांचल में गंगा, वरुणा, कोसी, घाघरा और राप्ती नदी का पानी हजारों घरों में घुस गया है।
वाराणसी शहर उत्तरी के भाजपा विधायक ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह बाढ़ क्षेत्र में फंसे नागरिकों के लिए कुछ नहीं कर पा रहा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से राहत सामग्री वितरित की है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और मंदिर बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। बड़ी शीतला माता मंदिर के पीठाधीश्वर शिवप्रसाद पाण्डेय और सप्तमात्रिका और श्रीयंत्रमपीठम के महंत अभिषेक पाण्डेय ने बताया कि उन्होंने पिछले 20 साल में पहली बार गंगा में ऐसी बाढ़ देखी है। यह जनमानस के लिए कष्टदायी है।


/>वाराणसी के केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के मुताबिक 2003 में गंगा के बाढ़ का पानी 71.226 मीटर के लाल निशान को पार कर गया था।
गंगा की उफनती लहरें मिर्जापुर, भदोही, चंदौली, गाजीपुर और बलिया में तबाही मचाए हुए है। इन इलाकों के लोगों ने ऊपरी इलाकों के स्कूलों, कॉलेजों और धर्मशालाओं में शरण ली है। बाढ़ की वजह से हजारों एकड़ फसल बरबाद हो गई है। वहीं पशुओं के लिए चारे का संकट बढ़ गया है।
जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने बताया कि तटीय इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों को नौकाओं के साथ भेजा गया है। जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों को खाद्य सामग्री, दूध, माचिस, मोमबत्ती आदि का वितरण किया जा रहा है।

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?