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जिलाधिकारी की रिपोर्ट में नहीं थी दुर्गाशक्ति के विरुद्ध कोई बात PDF Print E-mail
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Friday, 02 August 2013 10:26

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक ओर एक निर्माणाधीन धार्मिक स्थल की दीवार ढहवाने के आरोप में गौतमबुद्ध नगर (सदर) की उपजिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को उचित ठहराया है। वहीं, इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा सरकार को भेजी गयी रिपोर्ट में दुर्गा को दोष रहित बताया गया है।
सरकार में विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है, ‘‘दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद उसी रात जिलाधिकारी की तरफ से भेजी गयी तथ्यात्मक रिपोर्ट में दुर्गा के विरुद्ध कोई बात नहीं कही गयी थी और निलंबन का कारण बतायी गयी घटना में उसे निर्दोष बताया गया था।’’
सूत्रों का दावा है कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट सकारात्मक और दुर्गा के पक्ष में थी और यह बात राज्य की नौकरशाही में लगभग सबको मालूम है।
हालांकि सरकार ने इस मामले में अब तक कुछ भी बोलने से इंकार किया है।
इस बीच, गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के रविकांत सिंह ने फोन पर सम्पर्क करने पर इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस विषय में मैं किसी से कुछ भी कहना नहीं चाहता।’’
सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार दुर्गा ने गांव वालों से सिर्फ यह कहा था कि वे जिस धार्मिक भवन का निर्माण करा रहे हैं, उसके लिए जिला प्रशासन की अनुमति जरुरी है और उसके बाद गांव वालों


ने स्वयं ही निर्माणाधीन दीवार गिरा दी थी।
इससे पूर्व, अखिलेश ने दुर्गा शक्ति के निलंबन को उचित ठहराते हुए कहा था, ‘‘नोएडा के कादलपुर गांव में मुसलमान चंदा इकट्ठा करके मस्जिद बनाना चाहते थे। उपजिलाधिकारी ने किसी से राय-मशविरा किये बगैर कार्रवाई की। इससे वहां का माहौल खराब हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना से पूरे प्रदेश का माहौल खराब हो सकता था। अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना पड़ेगा। सरकार ने ठीक कार्रवाई की है।’’
इस संबंध में उन्हें जिलाधकारी से मिली रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि डीएम और एलआईयू :स्थानीय अभिसूचना इकाई: की रिपोर्ट सबके सामने आ जायेगी।
अखिलेश ने साफ किया कि दुर्गाशक्ति के निलम्बन के पीछे खनन माफिया का कोई हाथ नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘माहौल ठीक रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर कहीं माहौल खराब होता है तो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी ही। एक तरफ तो आप :मीडिया: कहते हैं कि कार्रवाई नहीं हो रही है, जब होती है तो सवाल खड़े करते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम खुद नहीं चाहते कि किसी अधिकारी के साथ गलत बर्ताव हो। जहां तक अधिकारी द्वारा अपना पक्ष रखने की बात है तो वह अपनी बात कहे।’’ (भाषा)

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