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दुर्गा के खिलाफ आरोप पत्र की तैयारी PDF Print E-mail
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Thursday, 01 August 2013 09:43

लखनऊ, भाषा। विपक्षी राजनीतिक दलों और आइएएस एसोसिएशन के दबाव के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार गौतमबुद्ध नगर (सदर) की उप जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन वापस लेने को तैयार नहीं दिख रही और उन्हें आरोप पत्र देने की तैयारी में है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोप पत्र तैयार हो रहा है, जो दुर्गा को जल्द ही सौंप दिया जाएगा। सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव द्वारा नागपाल के निलंबन को सही ठहराने के बाद बुधवार को दिन में ही इस बारे में सरकार के रुख का संकेत मिल चुका था कि वह फिलहाल दुर्गा शक्ति का निलंबन वापस लेने को तैयार नहीं है। यादव ने सत्तारूढ़ सपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि दुर्गा शक्ति के पिछले दिनों हुए निलंबन में खनन माफिया का हाथ होने की भ्रांति फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गा शक्ति ने रबुपुरा थाना क्षेत्र के मुसलिम बहुल कादलपुर गांव में एक निर्माणाधीन मस्जिद की दीवार को कानूनी प्रक्रिया का पालन


किए बिना गिरवा दिया था।
उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्त्व पिछले कुछ समय से वहां सांप्रदायिक दंगा कराने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने कहा कि साजिशकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति से मस्जिद की दीवार को लेकर विवाद होने की झूठी शिकायत की थी। उस पर विश्वास करके अधिकारी ने वह दीवार गिरवा दी। इससे वहां सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या दुर्गा शक्ति का निलंबन वापस होगा, यादव ने कहा- अभी कुछ नहीं। यह प्रशासनिक मामला है।
आइएएस एसोसिएशन और विपक्षी दल दुर्गा शक्ति के निलंबन वापसी की मांग कर रहे हैं।
2010 बैच की 28 साल की आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति को 27 जुलाई को गौतमबुद्ध नगर के नबुपुरा इलाके में एक निर्माणाधीन धर्म स्थल की दीवार को गलत तरीके से गिराने से तनाव पैदा होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।

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