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मायावती का पुतला फूंकने वाले पूर्व सपा सांसद जेल भेजे गए PDF Print E-mail
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Wednesday, 31 July 2013 09:50

रिजवान मुस्तफा, बाराबंकी। यहां की एक अदालत ने सपा के पूर्व सांसद रामसागर रावत और उनके पांच समर्थकों को मंगलवार को बसपा प्रमुख मायावती का पुतला जलाने के आरोप में जेल भेज दिया। इस मामले में सपा विधायक राममगन रावत समेत 32 लोग फरार बताए जा रहे हैं। रावत के अधिवक्ता बुधवार को जमानत की अपील करेंगे।
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रामसागर रावत और जिला उपाध्यक्ष राममनोहर यादव, प्रधान मौजीराम यादव और सपा कार्यकर्ता मंगलवार को एसीजेएम की कोर्ट नंबर 17 में हाजिर हुए। उन पर बसपा शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला जलाने और सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का मुकदमा दर्ज है। यह मामला अदालत में अपनी गति से चल रहा था। पूर्व सांसद, हैदरगढ़ के सपा विधायक राममगन रावत, पूर्व ब्लाक प्रमुख उर्मिला रावत और कई अन्य लोग इस मामले में आरोपी हैं। ये लोग सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर नहीं हो रहे थे। इस पर संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश ने पूर्व सांसद और सपा विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर कुर्की का आदेश दिया था। इसकी नोटिस


भी चस्पा की गई थी। अब इसमें 83 के तहत कार्रवाई होनी है।
पूर्व सांसद मंगलवार को जब अदालत में हाजिर हुए तो न्यायाधीश ने उनकी  लापरवाही को असहनीय बताते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। रावत के वकील जगत बहादुर सिंह ने कई दलीलें दीं। लेकिन न्यायाधीश ने उनकी एक न सुनी। रावत के वकील ने बताया कि जमानत की अर्जी जल्द दायर की जाएगी। प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्व सांसद को जेल भेजने की कार्रवाई पूरी की। रामसागर रावत सपा से ही चार बाद सांसद रह चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था। इससे वे दुखी थे। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद माया का पुतला जलाने का मामला वापस लेने के संकेत मिले थे। इस वजह से ही वे हाजिर नहीं हो रहे थे। कुर्की की कार्रवाई से बचने के लिए वे मंगलवार को हाजिर हुए थे।

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