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जलभरण क्षेत्रों में व्यापक वर्षा से नदियां लबालब PDF Print E-mail
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Tuesday, 23 July 2013 15:28

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जलभरण क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने से घाघरा, शारदा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती तथा कुन्हरा समेत विभिन्न छोटी-बड़ी नदियों के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है।
कें्रदीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक घाघरा नदी जहां बाराबंकी के एल्गिनब्रिज, अयोध्या और बलिया के तुर्तीपार इलाके में खतरे के निशान से उच्च्पर बह रही है। वहीं शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां :लखीमपुर खीरी: में लाल चिह्न से करीब एक मीटर उच्च्पर पहुंच चुका है।
बूढ़ी राप्ती ककरही :सिद्धार्थनगर: में खतरे के निशान से उच्च्पर बह रही है। वहीं, गंगा का जलस्तर फतेहगढ़, अंकिनघाट, कानपुर और बलिया में खतरे के निशान के करीब बना हुआ है।
यमुना प्रयागघाट :मथुरा: में, राप्ती नदी काकरधारी :बहराइच:, भिनगा :श्रावस्ती:, बलरामपुर, बांसी :सिद्धार्थनगर:, रिगौली :गोरखपुर: तथा बर्डघाट :गोरखपुर: में, कुन्हरा नदी उस्काबाजार :सिद्धार्थनगर:, रोहिन नदी त्रिमोहानीघाट :महराजगंज: और क्वानो मुखलिसपुर :संतकबीर नगर: में


खतरे के निशान के नजदीक पहुंच चुकी हैं।
बाराबंकी से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक दो दिन पहले नेपाल की तरफ से छोड़े गये लगभग दो लाख क्यूसेक पानी से घाघरा नदी में भीषण बाढ़ आ गयी है और जिले की तीन तहसीलें इसकी चपेट में है तथा कई जगह इसका जलस्तर खतरे के निशान से 110 सेंटीमीटर उच्च्पर चढ़ गया है।
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के लगभग सभी मंडलों में बारिश हुई। इस अवधि में ककरही :सिद्धार्थनगर: में 11 सेंटीमीटर, बांसी :सिद्धार्थनगर: में 10 सेंटीमीटर तथा बस्ती, कालपी, डाबरी और बरेली में चार-चार सेंटीमीटर वर्षा रिकार्ड की गयी।
भाषा सलीम गोस्वामीागामी लोकसभा चुनाव में उन्हें ‘सही पार्टी’ के हाथों में सत्ता सौंपने के लिये प्रेरित करें।
(भाषा)

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