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लारा नहीं सचिन ने जिताये हैं अधिक मैच PDF Print E-mail
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Thursday, 18 July 2013 12:39

नयी दिल्ली। रिकी पोंटिंग भले ही मानते हों कि सचिन तेंदुलकर की तुलना में ब्रायन लारा ने अपनी टीम के लिये अधिक मैच जीते हैं लेकिन आंकड़े इसके उलट कहानी बयां करते हैं और इसमें अपनी टीम के लिये मैच जीतने के मामले में भारतीय बल्लेबाज कैरेबियाई दिग्गज से मीलों आगे हैं।
पोंटिंग ने हाल में कहा था ‘‘सचिन और लारा मेरी नजर में दो बेहतरीन बल्लेबाज हैं। लारा ने अपनी टीम के लिये सचिन से अधिक मैच जीते हैं।’’
लेकिन यदि आंकड़ों पर गौर किया जाए तो लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने केवल 24 . 42 फीसदी टेस्ट मैच जीते हैं जबकि तेंदुलकर के रहते हुए भारत ने 35 . 35 प्रतिशत टेस्ट मैचों में जीत हासिल की। इन मैचों में यदि इन दोनों के प्रदर्शन को देखते हैं तो फिर लारा के कुल रनों के 24 . 50 फीसद रन जहां उनकी टीम की जीत के काम आये वहीं तेंदुलकर के मामले में यह आंकड़ा 37 . 01 प्रतिशत है।
तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो 100 शतक लगाये हैं उनमें से 53 शतक भारत की जीत के काम आये। टेस्ट क्रिकेट में उनके ऐसे शतकों की संख्या 20 जो उनके कुल शतकों का 39 Þ 01 प्रतिशत है। लारा ने टेस्ट मैचों में 34 शतक लगाये हैं लेकिन इनमें से केवल आठ शतक : 23 . 52 प्रतिशत : ही वेस्टइंडीज को जीत दिला पाये।
लारा के लिये यह कहा जा सकता है कि उनको बाकी साथियों का पूरा सहयोग नहीं मिला। यही वजह है कि उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 63 टेस्ट मैच : 48 . 01 प्रतिशत : गंवाये। इन मैचों में लारा ने अपने कुल रनों के 44 . 47 प्रतिशत रन बनाये। इस कैरेबियाई बल्लेबाज के 14 शतक टीम की हार नहीं टाल पाये थे।
यदि तेंदुलकर को इस आंकड़े पर परखकर देखें तो उनकी उपस्थिति में भारत को केवल 56 टेस्ट मैच में हार मिली जो कि उनके कुल मैचों का 28 . 28 प्रतिशत है। तेंदुलकर ने इन मैचों में 4088 रन बनाये और उनके केवल 11 शतक टीम के काम नहीं आये थे। तेंदुलकर ने अपने करियर में अब तक 72 ड्रा मैचों में 20 शतक सहित 5887 रन बनाये जबकि लारा के रहते हुए वेस्टइंडीज ने 36 मैच ड्रा कराये। इनमें बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने 3708 रन बनाये और 12 शतक ठोके।


वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए आस्ट्रेलिया के खिलाफ जिन आठ मैचों में जीत दर्ज की उनमें इस बल्लेबाज ने तीन शतक सहित 751 रन बनाये। इसी तरह से इंग्लैंड के खिलाफ उनकी मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने नौ मैच जीते और इनमें लारा केवल एक शतक लगा पाये थे। लारा के रहते हुए कैरेबियाई टीम ने भारत से चार तथा दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से दो दो मैच जीते लेकिन इनमें से किसी भी मैच में लारा ने शतक नहीं लगाया।
यदि तेंदुलकर पर यह आंकड़ा फिट किया जाता है तो यह स्टार बल्लेबाज आस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 जीत का गवाह रहा और इन मैचों में उन्होंने चार शतकों की मदद से 1407 रन बनाये। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ 11 और इंग्लैंड के खिलाफ नौ मैचों में मिली जीत में तेंदुलकर ने तीन . तीन शतक जमाये। उन्होंने हर टीम के खिलाफ विजयी शतक जड़ा है।
पोंटिंग आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान हैं और उनके देश में तेंदुलकर और लारा दोनों ही अपनी टीमों की जीत में खास योगदान नहीं दे पाये। वेस्टइंडीज ने लारा के रहते हुए आस्ट्रेलिया में चार मैच जीते लेकिन उनमें इस बल्लेबाज ने 35 . 16 की औसत से केवल 211 रन बनाये। तेंदुलकर की मौजूदगी में भारत ने आस्ट्रेलिया में केवल दो मैच जीते। इनमें सचिन के बल्ले से केवल 122 रन निकले।
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो लारा के शतक जरूर उनकी टीम की जीत के काम में आये। वेस्टइंडीज के बायें हाथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने वनडे में 19 शतक लगाये हैं जिनमें से 16 बार उनकी टीम ने जीत दर्ज की। तेंदुलकर भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं। मास्टर ब्लास्टर के 49 में से 33 शतकों ने भारत को जीत दिलायी थी।
वनडे में हालांकि लारा की मौजूदगी में वेस्टइंडीज ने 46 . 48 प्रतिशत मैचों में जीत दर्ज की जबकि तेंदुलकर के लिये यह आंकड़ा 50 . 53 प्रतिशत हैं। तेंदुलकर ने अपने कुल रनों 18, 426 के 60 . 55 प्रतिशत यानि 11157 रन उन मैचों में बनाये जिनमें भारत ने जीत दर्ज की। लारा का आंकड़ा उनसे थोड़ा बेहतर है। लारा के वनडे में बनाये गये 10405 रनों में से 62 . 97 प्रतिशत यानि 6553 रन टीम की जीत के काम आये।
भाषा

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