मुखपृष्ठ अर्काइव
Bookmark and Share
‘खाद्य विधेयक का उद्देश्य है देश से गरीबी मिटाना’ PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Wednesday, 17 July 2013 11:26

िरूवनंतपुरम। कांग्रेस नेता एवं हरियाणा में मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक को एक ऐतिहासिक विधेयक बताते हुए आज कहा कि इसका उद्देश्य न सिर्फ गरीबी मिटाना है बल्कि देश में महिलाओं एवं बच्चों को पोषक आहार मुहैया करना भी है।
सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि वरीयता प्राप्त परिवार प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज प्रति माह प्राप्त करने के हकदार होंगे और अंत्योदय योजना के तहत वे प्रति महीने 35 किलोग्राम अनाज प्राप्त करेंगे।
उन्होंने बताया कि केरल में नये कार्यक्रम से लगभग 1. 41 करोड़ लोगों को लाभ प्राप्त होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकता एवं अंत्योदय परिवार के दायरे में संयुक्त रूप से करीब 75 प्रतिशत ग्रामीण आबादी और


50 प्रतिशत शहरी आबादी आएगी।
सुरजेवाला ने बताया कि विधेयक छह महीने से लेकर छह साल तक के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार मुफ्त आहार की गारंटी प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि कुपोषण से ग्रसित बच्चों की स्थानीय आंगनवाड़ी के जरिए पहचान की जाएगी और स्थानीय आंगनवाड़ियों के जरिए उन्हें मुफ्त आहार मुहैया कराया जाएगा।
हर गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिला गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद छह महीने तक स्थानीय आंगनवाड़ी में मुफ्त भोजन पाने की हकदार है। साथ ही उन्हें किश्तों में मातृत्व लाभ के रूप में 6,000 रूपया भी मिलता है।
(भाषा)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?