मुखपृष्ठ अर्काइव
Bookmark and Share
इस बार कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ होगी कांवड़ यात्रा PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Wednesday, 17 July 2013 09:39

प्रदीप वत्स, मेरठ। उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कांवड़ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान वैसे तो किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं है। लेकिन बोधगया धमाकों के बाद कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। बड़ी तादाद में क्लोज सर्किट कैमरों से निगरानी के साथ कांवड़ियों के लिबास में पुलिस भी तैनात रहेगी। पीएसी व आरएएफ की कंपनियों को भी तैनात किया जाएगा। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग को 30 जुलाई से पांच अगस्त तक पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
अंतरराज्यीय समन्वय समिति की बैठक के बाद प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अरुण कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कांवड़ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को अब हरिद्वार से ही गंगाजल लेकर लौटना होगा। उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को टूटे रास्तों का हवाला देते हुए चार धाम यात्रा पर रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि खुुफिया एजंसियों को कांवड़ यात्रा के दौरान किसी आतंकी हमले की सूचना नहीं है। लेकिन बोधगया की घटना के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। हुए इस दौरान रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों व होटलों आदि की गहन जांच की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के साथ खोजी कुत्तों के दस्ते भी मुस्तैद रहेंगे।
दिल्ली, हरियाणा व उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद फैसला किया गया है कि सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। कांवड़ यात्रा में लाठी-डंडे व त्रिशूल लेकर चलने पर पाबंदी होगी। हरियाणा व दिल्ली की सरकारों से


कहा गया है कि वे डीजे लेकर आने वाले कांवड़ियों पर रोक लगाएं। अरुण कुमार ने बताया कि डीजे संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा कि कांवड़ यात्रा के दौरान जिस भी डीजे संचालक का बैंड पाया गया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ियों के खाने-पीने का इंतजाम करने वाले शिविर मालिकों से अपेक्षा की गई है कि इस दौरान वे पुलिस की मदद के साथ प्राकृतिक आपदा से त्रस्त उत्तराखंड में मूलभूत सुविधाओं की बहाली में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि रमजान के महीने मे कांवड़ यात्रा को देखते हुए जनपदों के कलक्टर व एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने इलाकों के सभी मंदिर, मस्जिद व मजारों का पूरा लेखा-जोखा तैयार करें। इस दौरान मांस व शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला किया गया है। मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। टूटी सड़कों को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया है। मेरठ जोन के अतिसंवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में 250 बैरियर और करीब सौ अस्थायी चैकपोस्ट बनाई जाएंगी। करीब 190 स्थानों पर क्लोज सर्किट कैमरों के साथ ही बड़ी तादाद में वॉच टॉवर लगाए जाएंगे। पुलिस, पीएसी व आरएएफ, ख्ुाफिया एजंसियों भी पूरी तरह सतर्क रहेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार के मुताबिक इस बार भी करीब दो करोड़ कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटेंगे। इसलिए इलाहाबाद कुंभ की तर्ज पर सुरक्षा व अन्य इंतजाम किए जाएंगे।

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?