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क्रिकेट में यह मेरा सर्वश्रेष्ठ दौर है : रोहित PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 July 2013 10:39

नई दिल्ली। रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाज के रू प में मिली अपार सफलता ने उनके अंतरराष्ट्रीय करिअर को नया जीवन प्रदान किया है और उनका मानना है कि जब से उन्होंने भारतीय जर्सी पहनी है तब से उनकी मौजूदा फार्म उनके लिए ‘सर्वश्रेष्ठ और सबसे संतोषजनक दौर’ रही है।
शर्मा ने सोमवार को यहां दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘निरंतर अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए, यह बतौर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर निश्चित रू प से मेरा सर्वश्रेष्ठ दौर है। मैं सलामी बल्लेबाज के रू प में अपनी नई भूमिका का लुत्फ उठा रहा हूं। मैं सफल हो रहा हूं और मेरे योगदान से टीम को मदद मिल रही है, ये चीजें इस दौर को और संतोषजनक बना देती हैं। मैं इस अच्छी फार्म को बरकरार रखने की उम्मीद लगाए हूं।’ पारी का आगाज करने के लिए कहे जाने के बाद मुंबई के इस 26 साल के क्रिकेटर ने 12 मैचों में पांच अर्धशतकों के अलावा दो 50 रन के करीब की पारियां खेली हैं और वे इसके लिए अपनी बेहतरीन तकनीक को श्रेय देते हैं।
मोहाली में इंग्लैंड के खिलाफ बतौर सलामी बल्लेबाज पहली पारी में उन्होंने 83 रन की मैच विजेता पारी खेली थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी तकनीक पर हमेशा भरोसा था। सलामी बल्लेबाज का काम ‘विशेषज्ञता’ वाला है लेकिन मैं हमेशा जानता था कि अगर मुझे शीर्ष क्रम में मौका


दिया गया तो मैं यह जिम्मेदारी बखूबी निभा सकता हूं। मैंने भारत के लिए टी20 में दो बार पारी का आगाज किया है, इसलिए मेरे लिए यह बिलकुल नया अनुभव नहीं था।’ उन्होंने स्वीकार किया कि पारी का आगाज करने की पेशकश अचानक उनके पास आई थी। 
रोहित ने 98 वनडे में दो शतकों और 17 अर्धशतकों से 2459 रन बनाए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एक तरह से हैरान नहीं था लेकिन मैं जानता था कि यह चुनौतीपूर्ण था। लेकिन जीवन में जब आपको चुनौतियां दी जाती हैं तो आपको अपनी काबिलियत पर भरोसा करना चाहिए और इसे निभाना चाहिए। इंग्लैंड के खिलाफ 83 रन की पारी सर्वश्रेष्ठ नहीं थी लेकिन निश्चित रू प से प्रयास था जो मेरे मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ।’
वनडे में सलामी बल्लेबाज की भूमिका की चुनौती (क्योंकि दो नई गेंद इस्तेमाल की जाती हैं) के बारे में पूछने पर रोहित ने स्वीकार किया कि यह निश्चित रू प से एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, ‘दो नई गेंद से खेलने के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका बदल गई है। यह ऐसा नहीं रहा कि गेंदबाजी शुरू  होते ही आप उन पर हावी हो जाओ। कुछ शाट ऐसे होते हैं जिनसे शुरुआती ओवरों में आपको बचना चाहिए।’ (भाषा)

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