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'धर्मनिरपेक्षता का बुर्का' संबंधी टिप्पणी को लेकर छिड़ गई है जुबानी जंग PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 July 2013 09:34

नई दिल्ली, जनसत्ता ब्यूरो। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘धर्मनिरपेक्षता का बुर्का’ संबंधी टिप्पणी से तिलमिलाई कांग्रेस ने पुरजोर पलटवार करते हुए कहा कि यह ‘नंगी सांप्रदायिकता’ से कहीं बेहतर है।

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कांग्रेस और केंद्र सरकार पर रविवार को मोदी के तीखे प्रहार के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव अजय माकन ने सोमवार को यहां कहा कि भाजपा की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख अगर दुष्प्रचार अभियान चलाएंगे और तथ्यात्मक रूप से गलत बयान देते रहेंगे, तो हमें भी जवाब देना होगा। माकन ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का बुर्का नंगी संप्रदायिकता से कहीं बेहतर है। सांप्रदायिकता तोड़ती है, जबकि धर्मनिरपेक्षता जोड़ती है।



 

किसने क्या कहा-
भाजपा की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख अगर दुष्प्रचार अभियान चलाएंगे, तथ्यात्मक रूप से गलत बयान देते रहेंगे, तो हमें जवाब देना होगा।
सांप्रदायिकता तोड़ती है, धर्मनिरपेक्षता जोड़ती है। जो अपने लोगों की ठीक ढंग से सेवा नहीं कर सका, खुद के राज्य में असफल रहा, उसे पूरे देश से यह कहने का कोई हक नहीं कि उसे क्या करना चाहिए।
- अजय माकन, महासचिव,  अखिल भारतीय कांग्रेस समिति

लोगों के पास समावेशी भारत या अलगाववादी भारत के दो विकल्प हैं। मुझे लगता है कि हम नजरियों के मौलिक संघर्ष के मूल मुद्दे पर वापस लौट आए हैं। कांग्रेस पार्टी का नजरिया बहुलतावादी और समावेशी है। वहीं विपक्ष के एक धड़े का नजरिया शुरुआत से ही संकुचित, बहुसख्यंकवादी और सांप्रदायिक रहा है। मोदी 2002 से गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि पिछले 11 साल में उन्होंने गुजरात के लिए क्या किया है।
- मनीष तिवारी, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री

फासीवादियों की खाकी निकर से बेहतर है धर्मनिरपेक्षता का बुर्का। निकर असहिष्णुता और घृणा को प्रकट करता है। बुर्का किसी खास धर्म के मत का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि खाकी निकर दूसरे समुदायों के प्रति असहिष्णुता का प्रतिनिधित्व करता है। - शशि थरूर


मोदी ने कहा था

जब भी कांग्रेस चुनौतियों से घिरी होती है, चाहे वह भ्रष्टाचार हो, महंगाई हो, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हों, किसी मंत्री का जेल जाना हो, लड़कियों से बलात्कार हो या असुरक्षा का माहौल हो, वह लोगों के सवालों का जवाब नहीं देती । जब भी संकट पैदा होता है, वे धर्मनिरपेक्षता का ‘बुर्का’ पहन लेते हैं और बंकर में छुप जाते हैं।

 



कांग्रेस ने गुजरात में विकास के मुद्दे पर भी भाजपा चुनाव अभियान समिति के प्रमुख के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि मोदी के कार्यकाल में यह राज्य विकास के विभिन्न पैमानों में पिछड़ चुका है। मोदी पर ‘त्रुटिपूर्ण’ और ‘गलत’ आंकड़े पेश करने का आरोप लगाते हुए माकन ने कहा कि एक व्यक्ति जो अपने ही लोगों की ठीक ढंग से सेवा नहीं सका और खुद के राज्य में ‘असफल’ रहा, उसे पूरे देश से यह कहने का कोई हक नहीं कि उसे क्या करना चाहिए।
माकन ने गुजरात में मोदी और केंद्र में राजग के पूर्व कार्यकाल की उपलब्धियों से तुलना कांग्रेस नीत शासन से करते हुए कहा कि जीडीपी विकास, पर्यटन और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में यूपीए का प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा है। उन्होंने कहा कि मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने गुजरात में क्या किया है जो वे देश में घूम- घूम कर युवाओं को भाषण देने की कोशिश कर हैं। माकन ने इसके साथ ही कहा कि गुजरात में मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए पिछले दस साल में बेहद कम सैलानियों ने राज्य की यात्रा की और खेलों में गुजरात का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।
‘धर्मनिरपेक्षता’ के मुद्दे को और धार देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि लोगों के पास समावेशी भारत या अलगाववादी भारत के दो विकल्प हैं। मुझे लगता है कि हम नजरियों के मौलिक संघर्ष


के मूल मुद्दे पर वापस लौट आए हैं।  कांग्रेस पार्टी का नजरिया बहुलतावादी और समावेशी है। वहीं विपक्ष के एक धड़े का नजरिया शुरुआत से ही संकुचित, बहुसख्यंकवादी और सांप्रदायिक रहा है।
तिवारी ने कहा कि भाजपा अलग-थलग है। वे महसूस करते हैं कि एकमात्र उपाय है कि इस देश में धुव्रीकरण का प्रयास किया जाए और साफ तौर पर वे सांप्रदायिक आधार पर देश का धु्रवीकरण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी पूर्ववर्ती जनसंघ ने भारत को बहुसंख्यकों के नजरिए से परिभाषित करने का प्रयास किया है, लेकिन पिछले 64 साल में यह प्रयास सफल नहीं हो पाया है। मोदी ने रविवार को आंकड़ों के बारे में बात की थी और खाद्य सुरक्षा व शिक्षा पर यूपीए की आलोचना की थी। इसके जवाब में माकन ने कहा कि मिड डे मील में गुजरात का रिकार्ड बेहद खराब रहा है और इसके कार्यान्वयन में वह नीचे से तीसरे स्थान पर है। नीचे से दो अन्य राज्य हैं पंजाब और पश्चिम बंगाल। उन्होंने कहा कि 2004 में यूपीए यूपीए सरकार के सत्ता में आने के समय 17 केंद्रीय विश्वविद्यालय, सात आइआइटी और छह आइआइएम थे जो अब बढ़कर क्रम से 44, 16 और 13 हो गए हैं। पिछले 10 साल में गुजरात में इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों में वरिष्ठ संकाय सदस्यों की 67 फीसदी रिक्तियां रही हैं।
माकन ने कहा कि मोदी सवाल करते हैं कि देश खेलों में पीछे क्यों है। गुजरात जहां मोदी 2002 से मुख्यमंत्री हैं, उसका ओलंपिक में खराब प्रदर्शन रहा है। उन्होंने पूछा कि ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले 83 खिलाड़ियों में से कितने गुजरात के थे। हमने छह पदक हासिल किए जिसमें से चार हरियाणा (कांग्रेस शासित) के खिलाड़ियों ने जीते। 2011 में झारखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हुआ जिसमें 444 स्वर्ण पदक दांव पर थे। पर गुजरात को एक भी स्वर्ण नहीं मिला।
माकन ने कहा कि मोदी 2002 से गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि पिछले 11 साल में उन्होंने गुजरात के लिए क्या किया है। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने गुजरात के लिए क्या किया है कि देशभर में घूमते रहते हैं और युवाओं को व्याख्यान देते रहते हैं। वे समूचे देश को ‘ज्ञान’ देने चले हैं। बेहतर होगा कि पहले वे गुजरात में ये काम करें।
यह पूछे जाने पर कि क्यों मोदी के बयानों पर कांग्रेस के नेता अचानक इस तरह से प्रतिक्रिया क्यों करने लगे हैं, माकन ने कहा कि अगर कोई गलत तथ्य पेश करता है तो पार्टी महसूस करती है कि कहानी का दूसरा पक्ष भी देश के सामने रखा जाना चाहिए। गिरते रुपए की मोदी द्वारा की गई आलोचना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था का एक पहलू है और सब कुछ यही नहीं है।
सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि धु्रवीकरण कांग्रेस बनाम मोदी नहीं है। यह उन लोगों के बारे में नहीं है जो सामूहिक हत्या के पीड़ित हैं और जिन्होंने सामूहिक हत्या की। यह भारत के बुनियादी विचारों के बारे में है कि हम किस तरह का भारत देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसा भारत जहां सभी मतों, सभी धर्मों, सभी विधान और सभी रुझानों वाले लोगों को शांति से प्रगति करने का अधिकार है या एक ऐसा भारत जिसकी प्रकृति सांप्रदायिक है, जहां कुछ लोग मानते हैं कि अगर आप हमारे साथ नहीं हैं तो आप हमारे खिलाफ हैं और आप सांप्रदायिकता के पहिए के नीचे कुचले जाने के हकदार हैं। मेरा मानना है कि हमें उस सवाल का जवाब देने की आवश्यकता है। 


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