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कांग्रेस का राहुल को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने से इनकार नहीं PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 July 2013 09:08

जनसत्ता ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया है। कांग्रेस ने यह संकेत दिग्जिवय सिंह सहित पार्टी नेताओं के विरोधाभासी बयानों की पृष्ठभूमि में दिया है।
अगले लोकसभा चुनाव के पहले राहुल को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने के संबंध में पार्टी की आधिकारिक स्थिति के सवाल पर पार्टी महासचिव अजय माकन ने सोमवार को कहा कि इसका अभी तक फैसला नहीं किया गया है। जब इसका फैसला हो जाएगा, आपको जानकारी हो जाएगी। वहीं सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इस संबंध में अलग राय व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ‘त्रिमूर्ति’ 2014 में पार्टी का नेतृत्व करेगी। तिवारी ने कहा कि मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हैं, सोनिया गांधी यूपीए की अध्यक्ष हैं। हमारे पास राहुल गांधी के रूप में युवा नेता हैं, जिनसे युवा अपना जुड़ाव महसूस करते हैं। यह त्रिमूर्ति 2014 में कांग्रेस का नेतृत्व करेगी। तिवारी ने कहा कि कुछ ऐसे खास लोग हैं जो एजंडा को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी रखते हैं। वे कांग्रेस पार्टी के कामकाज के तरीके की मूलभूत बातों को नहीं समझते।
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने के मुद्दे पर कांग्रेस के दो महासचिवों दिग्विजय सिंह और जर्नादन द्विवेदी के परस्पर विरोधाभासी बयानों के सवालों पर


माकन और तिवारी जवाब दे रहे थे।
दिग्विजय सिंह ने संकेत दिया था कि चुनाव के पहले राहुल को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने की संभावना नहीं है। लेकिन द्विवेदी ने शनिवार को दिग्विजय सिंह की टिप्पणी को उनकी ‘निजी राय’ बताया था।
दिग्विजय सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा था,‘हमारे यहां राष्ट्रपति शासन प्रणाली नहीं है। कांग्रेस पार्टी चुनाव के पहले प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार नहीं घोषित करती। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी हमने मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं घोषित किया था।’ उनसे पूछा गया था कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करने में कांग्रेस को संकोच क्यों है? क्यों उन्हें दावेदार के तौर पेश नहीं किया जाना चाहिए? पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री का दावेदार कौन है?
इसके बाद जर्नादन द्विवेदी ने शनिवार को कहा था कि लोगों की निजी राय हो सकती है। लेकिन ऐसे मुद्दों पर अंतिम फैसला पार्टी को ही करना है। द्विवेदी ने कहा कि पार्टी ने जयपुर में जब राहुल गांधी को उपाध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की थी तो कहा था कि चुनाव प्रचार अभियान और नेतृत्व का फैसला बाद में किया जाएगा। उस समय कोई समय सीमा नहीं घोषित की गई थी।

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