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कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव समिति से फिल्मकारों की छुट्टी, मंत्री जी शामिल PDF Print E-mail
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Tuesday, 16 July 2013 09:05

कोलकाता, जनसत्ता। पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव की विशेषज्ञ समिति से वरिष्ठ फिल्मकार मृणाल सेन, दादा साहेब फालके पुरस्कार विजेता अभिनेता सौमित्र चटर्जी, प्रसिद्ध फिल्मकार तरुण मजुमदार और बुद्धदेव दासगुप्ता को हटा दिया है। इनके बदले समिति में राज्य के दो मंत्रियों ब्रात्य बसु और अरूप विश्वास, निर्माता श्रीकांत मेहता और शिवाजी पांजा को शामिल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय कोलकाता फिल्मोत्सव का आयोजन हर साल यही समिति करती है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि वामपंथ समर्थक होने की वजह से ही इन लोगों को समिति से हटाया गया है। सरकार के इस कदम की फिल्म जगत में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। इसके विरोधियों का कहना है कि समिति में शामिल किए गए लोग किसी भी तरह पुराने सदस्यों जितना प्रतिभाशाली नहीं हैं। ऐसे में उनके चयन का आधार समझ से परे है।  
फिल्मकार मृणाल सेन 1995 में कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव की शुरुआत से ही इसकी विशेषज्ञ समिति के सदस्य रहे हैं। पिछले साल आयोजित 17वें अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी सरकार ने मृणाल सेन और सौमित्र चटर्जी को आमंत्रित नहीं किया था। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट््टाचार्य के कार्यकाल में


सौमित्र चटर्जी उत्सव समिति के चेअरमैन थे।
ममता बनर्जी सरकार के नए फैसले का विरोध करते हुए फिल्मकार अंकित चट्टोपाध्याय ने कहा,‘मृणाल सेन, सौमित्र चटर्जी, तरुण मजुमदार और बुद्धदेव दासगुप्ता को अलग रखकर फिल्मोत्सव समिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती।’ फिल्मकार कौशिक गांगुली ने भी राज्य सरकार के इस फैसला का विरोध किया। राज्य सरकार के इस कदम पर अभिनेता सौमित्र चटर्जी ने कहा,‘मैं विशेषज्ञ समिति में था, यह बात तो मैं जानता भी नहीं था। लिहाजा इस समिति से मुझे अलग किए जाने के बारे में मैं कुछ भी नहीं सोचता। इन सबसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।’ वहीं फिल्मकार मृणाल सेन ने कहा,‘ममता बनर्जी जहां मुख्यमंत्री के पद पर हैं, वहां मेरा किसी समिति में रहने का सवाल ही पैदा नहीं होता। समिति से मुझे हटाने को लेकर मैं कुछ भी कहना नहीं चाहता।’ फिल्मकार बुद्धदेव दासगुप्ता ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। इस बीच फिल्मकार तरुण मजुमदार की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

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