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नए मितव्ययता अधिनियम पर यूनानी प्रधानमंत्री का विरोध PDF Print E-mail
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Monday, 15 July 2013 16:02

एथेन्स। यूरोपीय संघ-अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से आर्थिक मदद हासिल करने के लिए अनिवार्य रूप से पारित किए जाने वाले एक विधेयक को लेकर यूनान के प्रधानमंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
साप्ताहिक पत्र टू वीमा के प्रथम पृष्ठ पर कहा गया है, ‘‘संसद के भीतर और सड़कों पर तनाव का परीक्षण।’’ जबकि वाम झुकाव वाले इलेफ्थेरोटाइपिया ने ‘राजनैतिक सरगर्मी’ पर चर्चा की।
रूढ़िवादी प्रधानमंत्री एन्टोनिस समारास द्वारा सरकारी प्रसारक ईआरटी को बंद किए जाने के एक माह बाद एक सुधारवादी अधिनियम को लेकर व्यापक विरोध फैला हुआ है। इस अधिनियम में हजारों सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली पुर्ननियुक्ति का भी प्रावधान है।
अगर बुधवार को यह अधिनियम पारित हो जाता है तो 4200 सरकारी कर्मचारियों को जुलाई के अंत तक एक आरक्षित योजना के तहत नियुक्त किया जाएगा।
नगर निकायों ने मतदान के दिन तक के लिए हड़ताल कर रखी है। मंगलवार को देश के दो प्रमुख


कर्मचारी संगठनों ने बंद का आह्वान कर रखा है। उन्होंने इस बंद का आह्वान इस नारे के तहत किया है-‘हम जनता हैं और हम संख्या में नहीं बदलेंगे।’
कर्ज में दबे यूनान को दिवालिया घोषित होने से बचाने की खातिर कई अरब यूरो के अंतरराष्ट्रीय बेलआउट के बदले में पिछले चार साल में मितव्यतता के कई उपाय लागू करने पड़े हैंं।
मंदी के छठे साल में प्रवेश करने वाले और 27प्रतिशत की बेरोजगारी दर वाले इस देश में ये उपाय बेहद नापसंद किए जा रहे हैं। युवाओं में तो बेरोजगारी की दर 64 प्रतिशत है।
पिछले सप्ताह यूरोेजोन के वित्त मंत्री यूनान को 6.8 अरब यूरो की नई आर्थिक मदद देने के लिए राजी हो गए थे लेकिन इसके लिए उसे :यूनान को: नए सुधार लागू करने होंगे।

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