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भाजपा की धर्मनिरपेक्षता की भाषा अस्पष्ट: दिग्विजय PDF Print E-mail
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Monday, 15 July 2013 15:15

भोपाल। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी की धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा पूरी तरह से साफ है, जबकि भाजपा इस मामले में पूरी तरह से अस्पष्ट है।
सिंह ने आज सुबह यहां से दिल्ली वापसी से पहले राजाभोज विमान तल पर संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में कहा, ‘‘कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता में एक धर्म, एक राष्ट्र और संस्कृति है, लेकिन हमें यह नहीं पता कि भाजपा की इस मामले में क्या परिभाषा है’’।
उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता की लालकृष्ण आडवाणी की एक परिभाषा है, जबकि संघ परिवार का इस मामले में कुछ और कहना है। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार धर्म की, राजनीति में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इसका इस्तेमाल कभी भी वोट बटोरने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम की गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन््रद मोदी द्वारा की गई आलोचना को लेकर पूछने पर सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि गरीब के पेट में


खाना पहुंच सके, अधिनियम का सिर्फ इतना ही मतलब है और बेहतर होगा यदि इसे लेकर राजनीति करने की कोशिश नहीं की जाए।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योग गुरू बाबा रामदेव के साथ अपनी तस्वीरें खिंचवाकर कोई अच्छा काम नहीं किया है। वह तो हमेशा से ही यह कहते आये है कि रामदेव एक ठग हैं और चौहान को उनके साथ कोई लेना-देना नहीं रखना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि रामदेव के पास एक फर्जी डिग्री है और उनके संस्थान में फर्जी दवाईयों से लोगों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि गुरू शंकर देव की हत्या के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। ऐसे हालात में चौहान ने रामदेव के साथ तस्वीर खिंचवाकर अपनी ही इज्जत कम कराई है।
(भाषा)

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