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सर्बिया के युवा टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों का अच्छा प्रदर्शन PDF Print E-mail
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Monday, 15 July 2013 10:53

नई दिल्ली। भारत के नौ मुक्केबाजों ने सर्बिया के किकिंडा में चल रहे वोजवोडिना गोल्डन ग्लोव अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। युवा विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता ललिता प्रसाद (49 किग्रा) 2012 के एगलोरव कप के रजत पदक विजेता ए सिलाम्बरासन (52 किग्रा), नीरज पाराशर (64 किग्रा) और मनीष सोलंकी (69 किग्रा) ने शनिवार की रात यहां टूर्नामेंट के खिताबी दौर में पहुंचे। इनके अलावा पांच लड़कियां भी फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं।
फिनलैंड में पिछले साल तैमर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में लाइट फ्लाईवेट का खिताब जीतने वाले 17 वर्षीय प्रसाद ने हंगरी के पैट्रिक होरवाथ के खिलाफ अपने मुक्केबाजी कौशल का शानदार नमूना पेश किया और इसे एकतरफा मुकाबला बना दिया। हंगरी के मुक्केबाज के पास प्रसाद के कड़े मुक्कों का कोई जवाब नहीं था। जजों ने सर्वसम्मति से भारतीय मुक्केबाज को विजेता घोषित किया। फाइनल में उनका मुकाबला रू स के पेरमिनोव लिलिया से होगा। सिलाम्बरासन को हालांकि बुल्गारिया के मिखायलोव दुश्को से कड़ी चुनौती मिली। आखिर में हालांकि 17 साल के भारतीय जीत दर्ज करने में सफल रहे। उन्हें अब स्काटलैंड के स्टीफन बोएल से भिड़ना है।
मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन नीरज पाराशर ने स्थानीय मुक्केबाज मित्रोविच स्लोबोडान को हराया। उन्हें अब स्काटलैंड के सैमुअल बाल का सामना करना है। मनीष सोलंकी ने चेक गणराज्य के


जाकुब कोरबेल को हराकर सर्बिया के स्टेनोजेविच लाजेर से भिड़ने का हक पाया। भारतीय मुक्केबाजी संघ की विज्ञप्ति के अनुसार भारत के एक अन्य मुक्केबाज नवीन कुमार (56 किग्रा) सेमीफाइनल में स्काटलैंड के उकाशिर फारू ख से हार गये। नवीन को इस तरह से कांस्य पदक मिलेगा।
महिलाओं के वर्ग में 2012 की जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता राजेश कुमारी (48 किग्रा) और जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन चंदा उदानशिवे (51 किग्रा) फाइनल में पहुंच गर्इं हैं। अब राजेश कुमारी का मुकाबला बुल्गारिया की पोपतोलेवा वेलेंटिना से जबकि चंदा का भी बुल्गारिया की बुयुकलिवा मारिना से होगा।
इस टूर्नामेंट में पिछली बार रजत पदक जीतने वाली मार्थमा सतिवादा (64 किग्रा) भी फाइनल में पहुंच गर्इं हैं जहां उनका मुकाबला सर्बिया की जेलिच जेलना से होगा। हैवीवेट मुक्केबाज दीक्षा (91 किग्रा) और पेमा चोतान ने भी फाइनल में जगह बनाई है जहां उनका सामना कजाकिस्तान की मुक्केबाजों से होगा।
दीक्षा का मुकाबला रीलिना अनस्तेशिया और पेमा का सादिकोवा उमिदा से होगा। एआइबीए जूनियर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली लालफकजुलाली को हालांकि कजाखस्तान की मुक्केबाज अकेरके नौरिजबायेवा से सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

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