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‘फ्लाप शो साबित हुआ बसपा का ब्राह्मण सम्मेलन’ PDF Print E-mail
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Monday, 08 July 2013 09:44

लखनऊ। प्रतिपक्षी दलों ने आज लखनउच्च् में आयोजित बहुजन समाज पार्टी :बसपा: के ब्राह्मण सम्मेलन को फ्लाप शो करार देते हुए कहा कि हमेशा बसपा के निशाने पर रहे ब्राह्मणों के सामने इस पार्टी की कलई खुल चुकी है और वे अब उसके झांसे में नहीं आएंगे।
सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी :सपा: के प्रान्तीय प्रवक्ता राजेन््रद चौधरी ने यहां एक बयान में कहा कि बसपा ने ब्राह्मण सम्मेलन के नाम पर अपनी शक्ति प्रदर्शन का झूठा तमाशा किया है जो हर नजरिये से नाकाम रहा है। सम्मेलन में ब्राह्मणों की जगह बसपा प्रत्याशियों द्वारा जुटाये गये पार्टी कार्यकर्ता ही नजर आए। इससे बसपा की धोखाधड़ी की राजनीति की कलई खुल गयी है।
उन्होंने बसपा महासचिव सतीश चन््रद मिश्र की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता ने मायावती की पिछली सरकार के कार्यकाल में ब्राह्मणों के नाम पर सिर्फ अपने परिवार वालों और नाते-रिश्तेदारों का ही भला किया।
चौधरी ने कहा कि मायावती अपने लिखित भाषण में जहां ब्राह्मणों की भलाई की बात करती रहीं वहीं दूसरी ओर प्रोन्नति में आरक्षण को लागू करने के लिये भी प्रतिबद्ध दिखीं। उनकी यह विरोधाभासी बयानबाजी जनता को सिर्फ बरगलाने और राजनीतिक वातावरण को दूषित करने के लिये है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी :भाजपा: ने भी बसपा की ब्राह्मण रैली को पूरी तरह असफल करार दिया। भाजपा के प्रान्तीय प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मायावती पूर्व में ब्राह्मणों को धोखा दे चुकी हैं और अब वे उनके


झांसे में नहीं आएंगे।
उन्होंने मायावती पर उत्तराखण्ड में हुई त्रासदी पर सियासत करने का आरोप लगाया और कहा कि बसपा प्रमुख गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन््रद मोदी पर यही इल्जाम लगा रही हैं।
पाठक ने कहा कि मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री भी हैं और वह अपने राज्य के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। आगे उन्हें जो भी दायित्व मिलेगा वह उसे भी निभाएंगे। मोदी उत्तराखण्ड में राजनीति करने नहीं गये थे। गुजरात के प्रति मोदी का पहला संवैधानिक दायित्व है लिहाजा उन्होंने अपनी बात में गुजरात के लोगों को आपदा से बचाने का जिक्र किया था।
इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वीरेन््रद मदान ने कहा कि बसपा को अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिये कि उसकी नेता मायावती कुछ समय पहले तक ब्राह्मण समुदाय के लिये किस तरह के आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती थीं।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कई तरह के अशोभनीय नारे लगाये जाते थे। आज ब्राह्मण समुदाय बसपा को वोट बैंक नजर आने लगा है लेकिन ब्राह्मण समुदाय एक बुद्धिजीवी वर्ग है जो बसपा के भुलावे में नहीं आने वाला।
मदान ने कहा ब्राह्मण समुदाय बुद्धिजीवी वर्ग होने के नाते प्रदेश के विकास के लिये सोचते हुए जो पार्टी इस प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिये प्रयासरत कांग्रेस पार्टी के साथ खड़ा होगा।
(भाषा)

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