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रमजान महीने में चुनाव नहीं चाहते थे लेकिन अदालती आदेश मानना होगा : ममता PDF Print E-mail
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Saturday, 29 June 2013 10:22

पांडुआ (पश्चिम बंगाल)। उच्चतम न्यायालय द्वारा पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की तारीखें आज फिर से तय किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि रमजान के दौरान मतदान से मुस्लिमों को समस्या का सामना करना पड़ेगा लेकिन अदालत के आदेश को स्वीकार करना होगा।
बनर्जी ने यहां हुगली जिले में एक पंचायत चुनाव बैठक में कहा, ‘‘ हम सर्दियों में चुनाव चाहते थे । हम मानसून के दौरान चुनाव नहीं चाहते थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ रमजान के महीने में चुनाव से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को समस्या होगी । हम ऐसा नहंी चाहते थे । लेकिन कई बार, जब अदालत का आदेश होता है तो हमें मजबूरी में स्वीकार करना पड़ेगा।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दलों के विपरीत सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ‘‘चुनाव कराना चाहती थी और चुनाव होंगे ।’’ उन्होंने मुस्लिमों से माकपा, कांग्रेस और भाजपा को एक भी मत नहीं देने की अपील


की जिन्होंने उनके लिए ‘‘अड़चनें’’ पैदा कीं ।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘ इन दलों को चुनाव में हार का डर है और ये चुनाव नहीं चाहते थे और इन्होंने चुनाव प्रक्रिया में देरी करवाई । माकपा , कांग्रेस और भाजपा ने चुनाव को बाधित करवाने के लिए मिलकर साजिश रची।’’
उन्होंने कहा कि माकपा, कांग्रेस और भाजपा उनकी पार्टी के खिलाफ एकजुट हो गयी हैं लेकिन उन्हें हराया जाएगा और वे अपना राजनीतिक अस्तित्व खो देंगे।
इससे पूर्व , उच्चतम न्यायालय ने आज दिन में पश्चिम बंगाल में पांच चरणों में 11, 15, 19, 22 और 25 मई को चुनाव कराने का निर्देश दिया। पिछले कार्यक्रम के अनुसार चुनाव दो जुलाई से तीन चरणों में होने थे ।
(भाषा)

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