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उत्तराखंड से लौटने वाले तीर्थयात्रियों ने किये भयावह अनुभव साझा PDF Print E-mail
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Friday, 21 June 2013 18:36

चंडीगढ़। उत्तराखंड में सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के आसपास बाढ़ से तहस नहस हो चुके क्षेत्र से राज्य परिवहन की दो बसों से आज यहां पहुंचे 100 से अधिक तीर्थयात्री भयावह अनुभव से अभी भी उबर नहीं पाये हैं। 
बस टर्मिनल पर तीर्थयात्रियों का स्वागत पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने किया।
बादल ने कहा, ‘‘हमारी सरकार उत्तराखंड के लोगों की सभी तरह की मदद मुहैया करने को तैयार है।’’ उन्होंने कहा कि यह आपदा केवल उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए है।
जब उनका ध्यान राज्य के हेलीकाप्टर की ओर आकृष्ट किया गया जो संकट की घड़ी में देहरादून में बेकार में खड़ा है, उन्होंने कहा, ‘‘खराब मौसम में पायलटों के लिए उड़ान भरना मुश्किल हो जाता है।’’
यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों में शामिल मोगा निवासी 14 वर्षीय जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘मुझे


केवल इतना ही याद है कि हेमकुंड साहिब के आसपास के क्षेत्रों में पानी मिनटों में बढ़ने लगा था।’’
किशोर ने कहा, ‘‘मैंने वाहनों को पानी की तेज धारा में बहते देखा...उन वाहनों में तीर्थयात्री भरे हुए थे।’’
तीर्थयात्रियों ने सैन्यकर्मियों के राहत एवं बचाव कार्य की प्रशंसा की।
सुनाम के गुरपाल सिंह ने कहा, ‘‘जब हमें ठंड लग रही थी तब जवानों ने हमें अपनी वर्दी भी दे दी। जब पानी बढ़ने लगा, मैं और कुछ अन्य लोग एक पहाड़ी के उच्च्ंचाई वाले स्थान पर चढ़ गए।’’
एक अन्य तीर्थयात्री जसवंत सिंह ने कहा कि वहां रात के समय पूरा अंधेरा था क्योंकि जनरेटरों में तेल खत्म हो गया।
भाषा

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