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गिरफ्तारी के डर से फरीदाबाद और पलवल के सट्टेबाज हुए भूमिगत PDF Print E-mail
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Saturday, 25 May 2013 11:59

अनूप चौधरी
फरीदाबाद । यह पहला मौका नहीं है जब किक्रेट की सट्टेबाजी में फरीदाबाद का नाम जुड़ा हो। इससे पहले भी किक्रेट पर सट्टा लगाते यहां के नामी राजनीतिक परिवार के सदस्यों और होटल व्यवसायी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। यह दीगर बात है कि बाद में पुलिस और सट्टेबाजों में गठजोड़ हो गया। पुलिस की संरक्षण में ही यहां अंतरराष्टÑीय स्तर का सट्टा लगाया जाता है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में संलिप्त खिलाड़ियों पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच का शिकंजा कसता जा रहा है। क्रिकेट खिलाड़ियों के रिश्तेदार भी इस शिकंजे में फंसने लगे हैं। दुबई से संचालित क्रिकेट फिक्ंिसग सट्टा कारोबार मुंबई, दिल्ली और फरीदाबाद से होता हुआ पलवल तक पहुंच गया है। कई गिरफ्तारी के बाद फरीदाबाद और पलवल के अनेक सट्टेबाज भूमिगत हो गए हैं।
फरीदाबाद में देह व्यापार में बदनाम दो होटल व्यवसायी, पूर्व विधायक के भाई और एक पूर्व किक्रेटर पिछले कई साल से यहां पुलिस की रहनुमाई में सट्टा के कारोबार कर रहे हैं। यहां सट्टेबाज और पुलिस तो मालामाल हो गई पर सट्टा खेलने की लत में कई परिवार बरबाद हो गए। आईपीएल में राजस्थान रायल्स की टीम के सदस्य रहे अजीत चंदीला के सट्टबाजों से पुराने संबंध रहे हैं। यह बात अलग है कि इससे पहले कभी सट्टेबाजी के आरोप में उन पर उंगली नहीं उठी। अब पकड़े गए हैं तो पुलिस उनके अतीत को खंघालने में लगी हुई है।
अजीत चंदीला के फुफेरे भाई विनोद फागना के घर से 20 लाख रुपए की बरामदगी और उसे पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद फरीदाबाद और पलवल के अनेक सट्टेबाज भूमिगत हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने जब पलवल में छापा मारा तो उस दौरान अजीत चंदीला भी पुलिस के साथ थे। क्रिकेट में सट्टा मुंबई और दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के अधिकांश शहरों में खेला जाता है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण फरीदाबाद, गुडगांव, पलवल, सोनीपत, रोहतक आदि में बडेÞ पैमाने पर क्रिकेट सट्टा के बुकी बैठे हैं। फरीदाबाद और पलवल में इससे पहले कई नामी सट्टेबाजों को  पुलिस धर चुकी हैं। पर कानून के मुताबिक सट्टेबाजी पर गैंबलिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होता है।
पलवल में सट्टेबाजों पर गैंबलिंग एक्ट के तहत साल 2012 में 54 और पिछले 3 महीने में 39 केस पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 93 केसों में 500 से अधिक लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। प्रत्येक महीने 6.7 से ज्यादा मामले सट्टेबाजी के दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह फरीदाबाद में भी पुलिस खानापूर्ति के लिए सट्टेबाजों पर गैंबलिंग एक्ट के तहत मुकदमें दर्ज करती रही हैं।
गुड़गांव, फरीदाबाद और पलवल के सट्टेबाजों के सीधे तार दिल्ली के सट्टेबाजों से जुडे हैं। फरीदाबाद, गुड़गांव और पलवल में ये बुकिज पुलिस और स्थानीय नेताओं के सरंक्षण में भी


सट्टा चलाते हैं। ये सट्टेबाज बड़े बड़े होटलों और आलिशान कोठियों में बैठकर लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल लेकर अपने ग्राहकों से सीधे संपर्क में रहते हैं। खेल के दौरान एक-एक गेंद और चौके-छक्के पर भी सट्टा खेलते हैं। कई सट्टेबाजों ने तो अपनी गाड़ियों को ही कार्यालय बनाया हुआ है। दिन भर गाड़ियों में चलते-चलते बुकिंग करते रहते हैं। गाड़ियों में ही मोबाइल, लैपटॉप, कागज-कलम सभी कुछ होता है। क्रिकेट मैचों के दौरान रोजाना करोड़ों रुपए तक का सट्टा लगाया जाता है। सट्टा मैच पर ही नहीं ओवर और बॉल पर भी लगाए जाते हैं। शहर में छोटे-बड़े मिलाकर 50 से ज्यादा बुकी हैं। इनमें सबसे ज्यादा पलवल में जवाहर नगर कैंप में है। फरीदाबाद में एनआइटी और सुरजकुंड के तीन और पांच सितारा होटलों से सट्टा का खेल संचालित होता है।
आइपीएल मैचों के दौरान सट्टा कारोबार जोर पकड़ लेता है। क्रिकेट में सट्टा कारोबार पुराने जमाने से जुड़ा है। कम लोग ही जानते होंगे कि जिस क्रिकेट का आज पूरा देश दीवाना हो रहा है वह खेल अंग्रेजी सरकार ने भारत में शुरू किया था। अंग्रेजी हुक्मरानों के साथ भारत में राजा-महाराजा और नवाब क्रिकेट खेलते थे। सट्टेबाजी में पकडेÞ गए अजीत चंदीला के रणजी टीम में चयन को लेकर भी सवाल खडेÞ हो गए थे। चंदीला केवल दो मैच ही हरियाणा की तरफ से खेल पाए थे। सवाल यह है कि हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने किस आधार पर रणजी में खिलाया और किस आधार पर उन्हें टीम से बाहर कर दिया। बहारहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच के शक के दायरे में फरीदाबाद और पलवल के अनेक बुकी आ चुके हैं।
अजीत चंदीला के रिश्तेदार और मित्रों के फोन बंद पड़े हैं। वे मीडिया से बात करने में कतरा रहे हैं। इस मामले में एसपी जगत सिंह चौधरी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच जब भी किसी की गिरफ्तारी के लिए हरियाणा पुलिस से मदद मांगेगी तो तुरंत मदद दी जाएगी। इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। मालूम हो कि पिछले 16 मई को दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच ने मुंबई से राजस्थान रायल्स के 3 खिलाडियों श्रीशांत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीनों खिलाड़ियों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने 18 मई को चंदीला के फरीदाबाद आवास पर छापा मारा। इसके दूसरे दिन 19 मई की रात को चंदीला की बुआ के घर पलवल में छापा मारा था और अजीत चंदीला के   फुफेरे भाई को हिरासत में लिया था। इसके बाद से ही चंदीला के परिजन, रिश्तेदार और करीबी दोस्त सहमे हुए और सतर्क हैं।

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