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हरियाणा में गुड़गांव है लैंगिक अनुपात में सबसे पीछे PDF Print E-mail
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Wednesday, 22 May 2013 15:48

चंडीगढ़ (भाषा)। हरियाणा के सबसे प्रगतिशील शहर गुड़गांव को उन जिलों में शामिल किया गया है, जहां लैंगिक अनुपात सबसे कम है। हालांकि हरियाणा का समग्र लैंगिक अनुपात बढ़कर 879 हो गया  है। लैंगिक अनुपात से अभिप्राय प्रति हजार पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या से है।
हरियाणा जनगणना विभाग द्वारा जारी किए गए जनगणना-2011 के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे कम लैंगिक अनुपात गुड़गांव :854:, सोनीपत :856: और झज्जर :862: का है।
महेंद्रगढ़ में लैंगिक अनुपात 23 अंक गिरकर 895 पहुंच गया और रेवाड़ी में यह एक अंक गिरकर 898 हो गया। वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक महेंद्रगढ़ में लैंगिक अनुपात 918 था।
आंकड़ों के मुताबिक, उच्चतम लैंगिक अनुपात :907: मेवात में दर्ज किया गया । इसके बाद फतेहाबाद :902: का नाम था।
हरियाणा का समग्र लैंगिक अनुपात वर्ष 2001 के 861 से बढ़कर 2011 की जनसंख्या


में 879 हो गया।
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लैंगिक अनुपात में वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण इलाकों में यह 866 से बढ़कर 882 और शहरी इलाकों में 847 से 873 हो गया।
वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान हरियाणा में जनसंख्या वृद्धि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और उत्तराखंड से ज्यादा थी।
वर्ष 2001 की जनगणना के मुकाबले वर्ष 2011 की जनगणना में हरियाणा की जनसंख्या 19.9 प्रतिशत की दर से बढ़कर 2.53 करोड़ पहुंच गई।
इस दशक में पड़ोसी राज्य पंजाब की जनसंख्या वृद्धि दर 13.9 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश की 12.9 प्रतिशत, केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ की 17.2 प्रतिशत, उत्तराखंड की 18.8 प्रतिशत, राजस्थान की 21.3 प्रतिशत और उत्तरप्रदेश की 20.2 प्रतिशत रही।

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